जो सोचते हैं कि देश का विकास थम गया है मोदी सरकार में, उन्हे ये खबर पढ़कर जरूर सुनायें

आप हर दिन अखबार उठाते हैं और जैसे ही उसपर नजर डालते है तो आपको उसमें सियासी और अपराधिक खबरे खूब देखने को मिलती है। एक एक पेज आप पलटते है और सिर्फ ऐसी ही खबरों से रूबरू होते हैं। यही हाल जब आफ टीवी पर न्यूज सुनते है तब भी होता है। सिर्फ सियासत सियासत और कुछ नहीं लेकिन इन सब के बीच कुछ खबर ऐसी भी होती है जो आप के लिये फायदे वाली होती है। साथ ही उन खबरों का असर पॉजटिव होता है। लेकिन वो कही न कही सियासी खबरो में खो जाती है। तो चलिये निराशा से बाहर लेकर आपको उन खबरों से हम रूबरू करवाते है जिनसे देश कहां पहुंच रहा है पता चलता है। हालांकि कुछ लोग इसे पॉजटिव न्यूज बोलकर अनसुना कर देते है लेकिन ऐसे खबरे होती सभी के फायदे के लिये है।

जून महीने में EPFO से जुड़े 12 लाख से अधिक लोग

रिटायरमेंट फंड बॉडी यानी EPFO ने देश में जून महीने में 12.83 लाख नए नामांकन दर्ज किए हैं जो ये बताता है कि कैसे कोरोना के चलते लगाये लॉकडाउन के खत्म होते ही लोगों को रोजगार मिलने लगे है।  जून के दौरान COVID-19 की दूसरी लहर का प्रभाव कम हो गया, जिससे अप्रैल और मई की तुलना में जबरदस्त वृद्धि हुई। इसमें कहा गया है कि मई की तुलना में जून में नेट ग्राहकों में 5.09 लाख की वृद्धि हुई जिससे ये साफ होता है कि करीब देश में 13 लाख लोगों को रोजगार जून के महीने में मिल गया है जो देश के लिये एक बहुत पॉजटिव खबर है।

 

चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे इलेक्ट्रिक वाहन वाला देश का पहला हाईवे

चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे इलेक्ट्रिक वाहन वाला देश का पहला हाईवे बन गया है। इसी हाईवे के करनाल लेक रिजॉर्ट्स में वीरवार से देश का पहले सौर ऊर्जा चलित चार्जिंग स्टेशन भी शुरू हुआ। यह देश में चलने वाले सभी प्रकार के ई-वाहनों को चार्ज करने में सक्षम है। इसके साथ ही करीब 250 किमी लंबे इस हाईवे पर चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। यहां अब हर 25 से 30 किमी पर चार्जिंग स्टेशन है। दिल्ली से चंडीगढ़ की ओर 10 और चंडीगढ़ से दिल्ली की तरफ 9 चार्जिंग स्टेशन हैं। सामान्य तौर पर एक ई-वाहन को हर 100 किमी पर एक बार चार्ज करने की जरूरत पड़ती है।

E charging station starts on Delhi Chandigarh highway

कोरोना के बाद भी भारतीय स्टार्टअप पर विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसा

कोरोना महामारी की तीसरी लहर के बावजूद विदेशी निवेशकों का भारतीय स्टार्टअप में भरोसा बढ़ा है। 2021 में अब तक स्टार्टअप ने 1.26 लाख करोड़ जुटा लिए हैं। प्रमुख डाटा एवं एनालिटिक्स कंपनी ग्लोबलडाटा के मुताबिक, भारतीय स्टार्टअप ने जनवरी-जुलाई यानी सात महीनों में वेंचर कैपिटल (वीसी) कंपनियों से 1.26 लाख करोड़ रुपये का निवेश जुटाया है। वीसी फंडिंग के मामले में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बाद दूसरा बड़ा बाजार है। इस दौरान भारत में कुल 828 सौदे हुए, जिनका कुल मूल्य 16.9 अरब डॉलर रहा। ग्लोबल डाटा के प्रमुख विश्लेषक ऑरोज्योति बोस ने कहा कि निवेश जुटाने में टेक स्टार्टअप सबसे आगे रहे। इसकी वजह स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और किफायती मोबाइल इंटरनेट है

 

ये कुछ ऐसी खबरे है जिन्हे सिर्फ छाप दिया जाता है पेपर में नीचे या कही छोटी सी हेडिंग के साथ लेकिन ये छोटी दिखने वाली खबरे ही हमारे जीवन में बड़ा बदलाव लाती है और हम समझ भी नही पाते कि ये सब कैसे हो रहा है। ऐसे ऐसी खबर जरूर पढ़ें और दूसरो को भी बताये जिससे देश सहित हर देशवासी में देश आगे बढ़ रहा है का आत्मविश्वास जागे और वो नकरात्मक सोच से बाहर आ सके।