GDP का रोना रोने वालों, जानो मोदी सरकार ने अबतक किसको क्या दिया

कोरोना काल के दौरान पीएम मोदी जी ने लॉकडाउन लागू करते वक्त देशवासियों से बोला था, कि इस दौरान देश में कोई भूखा नही रहेगा। जनता पर आर्थिक बोझ कम से कम पड़े इसके लिए सरकार ने पहले दिन से ही तैयारियों का खाका तैयार कर लिया था। जिसका असर आज 6 महीने बाद भी दिख रहा है। जब देश में गरीब लोगों के घर में आज भी भर पेट खाना खाया जा रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह रही, केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज जिसके तहत 1.70 लाख करोड़ रुपये महिलाओं, गरीब बुजुर्गों और किसानों के लिए मुफ्त अनाज और नकद भुगतान की व्यवस्था की जा सकी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत अब तक करीब 42 करोड़ गरीबों को 68,820 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। किस किस को इससे हुआ फायदा चलिए बताते है।

महिला जनधन खाताधारकों को 10,315 करोड़ रुपये दिए गये

इस पैकेज के तहत सबसे पहले बात करते है, देश की महिलाओं की जो एक तरह से घर की वित्तमंत्री होती है। इसी लिये सरकार ने सबसे पहले 20.05 करोड़ यानी करीब 98.3 फीसदी महिला जनधन खाताधारकों के खाते में 500 रुपये की पहली किस्त के तौर पर 10,029 करोड़ रुपये भेजे गए। वहीं दूसरी किस्त के बाद जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 20.63 करोड़ करीब 100 फीसदी महिला जनधन खाताधारकों के खाते में कुल 10,315 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। जिससे वो इस आपदा के वक्त अपने घर का खर्च चला सके।

16,394 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया

विपदा के वक्त देश के किसान लोगों का पेट भरने के लिए काम करते रहे। सरकार ने भी इस कोरोना काल में किसानों को दिक्कत न हो इसकी जिम्मेदारी उठाई, जिसके तहत केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 8.19 करोड़ लाभार्थियों को दो जून 2020 तक कुल 16,394 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इन के खातों में सीधे 2,000 रुपये की वित्तीय मदद पहुंचाई गई। जिससे किसान इस काल में भी अपना काम करते रहे और उनको किसी तरह की आर्थिक दिक्कत का सामना न करना पड़े।

उज्जवला योजना के तहत जलता रहा गरीबों का चूल्हा

केंद्र सरकार ने इस दौरान देश में गरीबों के घर चूल्ह जलता रहे इस बारे में भी कदम उठाया जिसका सबसे बड़ा उदाहरण  प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत देखने को मिलता है। जिसके चलते  9.25 करोड़ गैस सिलिंडर बुक कराए गए हैं। दो जून 2020 तक 8.58 करोड़ गैस सिलिंडरों की डिलीवरी भी हो गई है और लाभार्थियों के खातों में 8,488 करोड़ रुपये डाले गए है।

एनएसएपी के तहत 1,407 करोड़ रुपये दिए गए

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत 2.81 करोड़ यानी की 100 फीसदी वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगों को 1,407 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई। इतना ही नही इसके अतिरिक्त पैकेज के तहत 2.3 करोड़ बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को कुल 4,313 करोड़ रुपये की सहायता की गई। तो 59.23 लाख कर्मचारियों को 24 फीसदी ईपीएफ खाते में पैसा जमा करवाया गया। 895 करोड़ रुपये की मदद मिली समूचे कर्मचारियों को मिंल सकी।

एक तरफ कोरोना का भय जनता को खा रहा था, तो दूसरी तरफ घर का खर्चा कैसे चलेगा ये चिंता लोगों को हतास कर रही थी। लेकिन ऐसे वक्त ही सरकार ने ये दिखा दिया, कि उनको दिया गया एक वोट आज उनके कितने काम आ रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण आपके सामने ऑकड़ो के जरिए हमने रखा है। जो GDP पर हल्ला मचाने वालो के मुंह पर एक तमाचा से कम नही है।