नरेंद्र मोदी के इस ट्वीट ने बनाया रिकॉर्ड, सबसे ज्यादा किया गया रिट्वीट

पीएम मोदी का विश्वास और शक्ति ही थी कि आज हम कोरोना को हराने में सफल हो रहे है। एक तरफ पीएम मोदी कोरोना का रणनीति बनाने में दिनरात काम करते रहे तो दूसरी तरफ इस दौर में जनता का जोश बढ़ाने के लिए और कोरोना युध्दाओं को सम्मान दिलाने के लिये कभी थाली तो कभी दीपक जलाने की अपील करते हुए दिखे। जिसके चलते पीएम की दीपक जलाने वाली तस्वीर को साल 2020 में सबसे ज्यादा रीट्वीट किया गया

खूब भाई पीएम मोदी की ये तस्वीर

पीएम नरेंद्र मोदी का कोविड-19 महामारी के दौरान अच्छे स्वास्थ्य की उम्मीद के साथ दीप जलाने का अनुरोध करने वाला किया गया ट्वीट, ट्विटर पर जमकर ट्वीट किया गया। यह ट्वीट राजनीति में सबसे अधिक रिट्वीट किए जाने वाला ट्वीट बन गया। ट्विटर ने मंगलवार को यह घोषणा की। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में, मोदी ने नागरिकों से नौ मिनट के लिए सभी लाइट बंद करने और 5 अप्रैल को लैंप या टॉर्च या सेलफोन फ्लैश लाइट जलाने का आग्रह किया था। जिसके बाद जब पीएम मोदी की दीपक जलाने की तस्वीर आई तो उसे 1,18000 हजार लोगो ने रिट्वीट किया तो 5,13000 हजार लोगों ने लाइक किया जो इस साल का एक रिकार्ड है। इससे आप समझ सकते है कि पीएम मोदी से देश की जनता कितना प्यार करती है। और करे भी क्यो न क्योकि पीएम मोदी देश के हर नागरिक का भला हो इसके लिये लगातार काम जो करते है।

2020 में ट्विटर पर कन्वर्सेशन रहा अद्भुत

ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक मनीष माहेश्वरी ने कहा कि जिस तरह का यह साल रहा है, 2020 में ट्विटर पर कन्वर्सेशन अद्भुत था। इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई से लेकर, उत्सव के क्षणों में आनंदित होना, उन समुदायों के लिए खड़े होना जो महामारी से प्रभावित हुए, शो, रुचियों और यादों के संबंध में बॉन्डिंग, भारत इस साल साथ में ट्विटर पर खबूसूरती से आया। यह वर्ष माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए आभार की भावना भी लाया। डॉक्टर और शिक्षकों के प्रति विशेष सम्मान की भावना के साथ, विश्वभर में कृतज्ञता या आभार व्यक्त करने वाले ट्वीट्स में 20 फीसद की वृद्धि हुई।

इसके साथ साथ कई और मुद्दे भी इस साल ट्वीटर पर खूब छाये रहे लेकिन जिस तरह से करोना से निपटने के लिये लोगो ने ट्वीट का इस्तेमाल किया उससे देश को कोरोना से निपटने में देश को मजूबूत किया। जिसका नतीजा है कि भारत इस महामारी से उतना प्रभावित नही हुआ जितना अमेरिका सहित कई यूरोप के देश  हुए।