काम करने की ये मोदी स्टाइल है

आज एक बात तो माननी पड़गी की मोदी जी के काम करने का तरीका दूसरो से बिलकुल जुदा है इस बात को खुद वो भी कई बार बोल चुके है लेकिन अब इसके प्रमाण भी मिलने लगे हैं। मसलन पहले, सरकारे योजना बनाती थी लेकिन जमीनी हकीकत में वो खरी नही उतरती थी लेकिन अब मोदी जी जो भी योजना बनाती है वो पूरी होती है और वो भी तय समय पर या उसके पहले क्योकि मोदी जी खुद हर योजना की खबर खुद रखते है कैसे चलिये हम बताते है…

लाभार्थी से लेते है सीधी जानकारी 

अक्सर पीएम को आप ने देखा होगा कि वो जब भी किसी योजना की शुरूआत करते है तो लाभार्थी से जुड़ी जानकारी पूछते है मसलन योजना को लेकर कैसे आपको पता चला या फिर किसी बिचौलियों ने आपसे संपर्क तो नही किया इसके साथ साथ किसी अधिकारी ने पैसा तो नही मांगा यानी की छोटी छोटी बाते पूछकर वो ये जानने की कोशिश करते है कि क्या आम लोगों को योजना के बारे में फायदा हो रहा है  इतना ही नही समय समय पर सीधे मोदी जी अपनी योजनाओं पर नजर भी रखते है इसके लिये वो सिर्फ मंत्रियों से ही नही बल्कि बड़े अधिकारी से लेकर छोटे छोटे अधिकारी तक बैठक करते है। तभी आज कागज में नही बल्कि जमीन पर सरकार की हर योजना उतर रही है। कुछ ऐसा ही आज भी देखा गया जब पीएम मोदी ने पीएम आवास योजना के लाभार्थियों से बात की और पूछा की आपके इलाके में पानी और बिजली की क्या हालत है ऐसे में जो जवाब मिला उसके बाद वो उस समस्या के निदान का हल भी निकालते है। मतलब साफ है कि पीएम मोदी छोटी छोटी बातो को ध्यान दे रहे है तभी तो देश आज विकास के नये आयाम छू रहा है।

नये भारत में काम का तरीका बदला

आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिये मोदी 2.0 में सबसे पहले अगर कुछ बदला है तो काम करने का तरीका आज सरकार के काम करने की स्पीड काफी तेज है तो सरकार उन मसलो में पीछे नही हटती है जिसको लेकर पहले की सरकार सिर्फ इस लिये रुक जाती थी कि कही देश में या विश्व में फैसलो को गलत न लिया जाये लेकिन मोदी जी ने इस तरीके को ही बदल दिया है आज भारत राष्ट्रहित में वो सब फैसले स्पीड के साथ ले रहा है जो आजादी के 70 साल से रुके हुए थे जिनके चलते देश की तरक्की रुकी हुई थी। फिर वो सख्त कानून बनाना हो या फिर विश्व के सामने खुलकर अपनी बात रखना हो भारत बुलंद आवाज में अपनी बात रखता है और अपने हित के फैसलो में देरी नही करता है। इसीलिये तो आज भारत का मान मोदी जी के नेतृत्व में एक मजबूत नया भारत का बन कर उभरा है।

साफ है कि देश के हित के साथ मोदी सरकार किसी तरह का समझौता करने को तैयार नही है फिर वो कोई भी मसला क्यो ना हो और ऐसी सोच तो सही में एक राष्ट्रवादी सरकार की ही हो सकती है जो आज देश में देखने को मिल रही है जो राष्ट्रहित में काम कर रही है ना की अपने हित में