मोदी के मंत्री सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने में ऐसे कर रहे है मदद

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एक बार इस्तेमाल कर फेंके जाने वाले यानी सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगाम कसने की सरकार के स्तर पर युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है। हर मंत्रालय को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। रेलवे मंत्रालय ने दो अक्टूबर से सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है। वहीं भूतल परिवहन मंत्रालय ने 11 सितंबर से देश भर के राजमार्गों के आसपास जमा प्लास्टिक को इकट्ठा करने का अभियान शुरू कर दिया है । सभी मंत्रालयों में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पाबंदी लग गयी है।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने भाषण में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने की अपील की थी। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दुनिया को बताया कि भारत देश को प्लास्टिक मुक्त राष्ट्र बनाने के लिए एक बहुत बड़े अभियान की शुरुआत कर रहा है।

स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत सरपंचों और स्वच्छाग्रहियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच लाख व्यक्तिगत पत्र भेज रहे हैं। 15 अगस्त के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार अलग-अलग मंचों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की अपील कर चुके है। सरकार ने इसकी रोकथाम के लिए अलग-अलग मंत्रालय को अलग-अलग काम सौंपा है। साथ ही देश भर में जन अभियान चलाकर जूट और कपड़े के थैलों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने की योजना वस्त्र मंत्रालय के साथ मिलकर सरकार ने बनाया है। सभी पर्यटन स्थलों पर सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने की योजना है।

Ram Vilas Paswan Minister of Consumer Affairs, Food and Public Distribution

इसके साथ ही मंत्रियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। उनसे कहा गया है कि वे अपने मंत्रालयों की गतिविधियों में तथा भवनों में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दें। अब पीएम मोदी के मंत्री इस अभियान को सफल बनाने में जुट गए हैं।

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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तो अपने कार्यालय में प्ला स्टिक की बोतलों का इस्ते माल बंद भी कर दिया है। इसकी जगह काँच की बोतलों में पानी दिया जा रहा है।

Nirmala Sitaraman using water bottle in meeting

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक मीटिंग में टेबल पर पानी की प्लास्टिक वाली बॉटल की जगह पर शीशे की बॉटल में पानी रखा हुआ था। पीएम मोदी के इस आह्वान से पहले अमूमन मीटिंग में प्लास्टिक वाली पानी की बॉटल ही दिखती थी।

भारत में सिंगल प्लास्टिक यूज करने वालों में ई-कॉमर्स कंपनियां सबसे आगे हैं। एक अनुमान के मुताबिक सालाना उपयोग होने वाले प्लास्टिक प्रोडक्ट में करीब 40 फीसदी प्लास्टिक की खपत ई-कॉमर्स सेक्टर में होती है।

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बता दें कि हर साल 300 मिलियन टन प्लास्टिक प्रोड्यूस होता है। इसमें से 150 मिलियन टन प्लास्टिक सिंगल-यूज होता है। यानी ये प्लास्टिक हम एक बार इस्ते माल कर फेंक देते हैं। वहीं दुनियाभर में सिर्फ 10 से 13 फीसदी प्लास्टिक री-साइकिल हो पाता है।

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गौरतलब है की रोजमर्रा की जिंदगी में तमाम ऐसे प्लास्टिक के प्रोडक्ट हैं जिसे हम एक बार इस्तेमाल कर फेंक देते हैं। इसी तरह के प्लास्टिक को सिंगल यूज प्लास्टिक कहा जाता है। सिंगल यूज प्ला‍स्टिक प्रोडक्ट की बात करें तो इसमें- प्लास्टिक बैग, प्लास्टिक की बोतलें, स्ट्रॉ, कप, प्लेट्स, फूड पैकजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक, गिफ्ट रैपर्स और कॉफी के डिस्पोजेबल कप्स आदि शामिल हैं।