भारत की विश्व में ऐसी धमक है, कि दोस्तों के घर से पाक खाली हाथ लौट रहा है

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वर्तमान में पाकिस्तान जहां जहां भारत के खिलाफ बोलता है, उसकी दाल वहां नही गल पाती है। उसे हर जगह से मुंह की ही खानी पड़ती है। फिर वो विश्व का कोई मंच हो या फिर विश्व के ज्यादातर देश हो समूचे विश्व में पीएम मोदी की रणनीति में कुछ यूं पाकिस्तान फंस गया है, कि आज उसका सबसे अच्छा दोस्त भी उससे कन्नी काट रहा है।

सऊदी अरब से खाली हाथ लौटे बाजवा

जब से पाकिस्तान ने कश्मीर राग छेड़ा है तब से ही उसके दिन खराब चल रहे है। उसपर जो कुछ बचा हुआ था उसे खुद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बड़बोलेपन ने बर्बाद करके रख दिया है। जिसका भुगतान अब पाक को करना ही होगा। क्योकि उनके बयान से अब पाकिस्तान और सऊदी अरब के रिश्ते वैसे नही रह गये है जैसे कभी पहले होते थे। इसका जीता जागता सबूत तब मिला जब पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा दोनो देशो के संबध को सुधारने के लिए रियाद गये लेकिन सऊदी ने पाकिस्तानी सेना अध्यक्ष को ज्यादा भाव नहीं दिया। जानकारो की माने तो बाजवा के हर संभव प्रयास के बावजूद क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया। और तो और पाककिस्तान को साफ कर दिया कि बिना भुगतान के वो तेल नही देने वाला है। इसे साफ हो गया है कि सऊदी पाक की हिमाकत को जल्द भूलने वाला नही है। यहां गौर करने वाली बात है कि दोनों देशों में दशकों पुरानी दोस्ती ने उस समय बुरे दौर की ओर रुख कर लिया जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कश्मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ उसका साथ नहीं देने को लेकर सऊदी को चेतावनी दे डाली। भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की पहली वर्षगांठ के मौके पर कुरैशी ने एक टीवी इंटरव्यू में सऊदी पर निशाना साधा था। कुरैशी के बयान से नाराज रियाद ने पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर का कर्ज वापस करने को मजबूर कर दिया और 1 अरब डॉलर की और मांग की जा रही है। पाकिस्तान ने चीन से उधार लेकर एक अरब डॉलर का कर्ज चुकाया है।

मोदी की विदेश नीति से चित्त होता पाकिस्तान

ये मोदी जी की विदेशनीति ही है जिसके चलते कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद हो या फिर मुस्लिम संगठन IOC  हर जगह हार का सामना ही करना पड़ा है। आज विदेश में पाकिस्तान की कोई सुन नही रहा है, तो इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण है, भारत की विदेश नीति यानी कि मोदी जी ने जिस तरह से पाक की हकीकत को विश्व के सामने रखा है, उससे पाकिस्तान की पोल अब खुल गई है। सभी मुल्क अच्छी तरह से जान गये है, कि पाकिस्तान ही एक ऐसा देश है। जो दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा देता है, इसलिये इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिये विश्व एक मत हो रहा है। आज चीन और तुर्की को छोड़ दे, तो सारा विश्व पाकिस्तान के खिलाफ और भारत के साथ खड़ा है और इसके पीछे की मोदी सरकार की विदेश नीति ही है जिसके चलते भारत के विरोधी भी आज भारत के साथ खड़े है। भारत एक ऐसा देश है जो विश्व में शांति अमन और एकता की मिसाल कायम कर रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण कोरोना के वक्त दूसरे देशों की हर तरह से मदद करके भारत ने पेश की है। इतना ही नही सऊदी अरब ऐसे देश जहां भारत के पीएम जाने में कतराते थे। पीएम मोदी वहां जाकर दोश्ती का संबध बना कर आये है, जिसका नतीजा आज ये हो रहा है, कि भारत के साथ कई ऐसे देश खड़े है, जो पहले पाकिस्तान की वकालत करते थे।

बरहाल विश्व में भारत का जिस तरह से दबदबा बढ़ा है उससे ये तो तय है कि आने वाले दिनो में पाक की मुश्किले कम नही होने वाली बल्कि और बढ़ने वाली ही है अगर वो आतंक का रास्ता छोड़कर अमन का रास्ता नही अपनाता है।


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