कुछ ऐसी है पीएम मोदी की शख्सियत दिल से कोमल पर निर्णय लेने मे कठोर

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प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी जिनकी छवि किसी शख्त इंसान की मानी जाती है. कहा जाता है कि वो काफी कठोर स्वभाव के व्यक्ति है लेकिन ऐसा नही है। उनका स्वाभव कठोर नही है,हाँ ये जरूर है कि देश हित के लिये वो कठोर फैसले लेते है और इसीलिए उनकी शख्सियत को कठोर बता दिया जाता है।

लेकिन उनका दिल कितना कोमल है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीएम कई मौको पर अपने आंसुओं को नही रोक पाते है।उनका दूसरो के प्रति दर्द सबके सामने आ जाता है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिस स्मारक दिवस के मौके पर स्वतंत्रता के बाद से पुलिस जवानों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान के सम्मान के मौके पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (एनपीएम) का उद्घाटन किया। जहां वे जवानों की शहादत याद करते हुए भावुक हो गए।उनका गला रुंध गया।

ऐसा पहली बार नही हुआ, गुजरात मे जब सदी का सबसे बड़ा भूकंप आया था तब भी पीएम मोदी अपने आंसू नही रोक पाये थे। इसी तरह जब वो सत्ता को सभालने के लिये दिल्ली आये और पहली बार ससंद के सेंट्रल हाल मे भाषण दे रहे थे तो भी उनका पार्टी के प्रति अपनी भावना को रोक नही पाये। माहौल इस तरह का हो गया कि हॉल मे बैठे कई बीजेपी सदस्य भी उनके साथ भावुक हो गये और सब की आंखो से आंसुओं की धारा बहने लगी। तो पीएम बनने के बाद जब पहली बार वो फेसबुक के दफ्तर मे एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान अपनी मां के बारे मे बता रहे थे तब भी पीएम मोदी का गला रुंध गया था। इतना ही नही नोटबंदी के वक्त जब वो गोवा मे पहली बार देश के लोगों के सामने आये और अपनी बात रखा तभी वो इतना भावुक हो गये कि उनके आंसू छलक गये।इससे साफ अंदाजा होता है कि पीएम ऊपर से कितना भी कठोर दिखे।लेकिन उनका दिल फूल की तरह कोमल है।

इससे ये भी साफ होता है कि वो देश हित के लिये क्या सोचते है। तभी तो देश को आगे बढ़ाने के लिये जहां नोटबंदी जैसे फैसले लेकर सबको भौच्चका कर देते है तो सर्जिकल स्ट्राइक के जरिये दुश्मनो को भी बताते है कि वो देश हित के लिये कठोर से कठोर फैसले भी ले सकते है। और इसीलिये तो पीएम मोदी आज देशवासियों के दिल मे बसते है।


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