मोदी की कूटनीति में कुछ तो खास है, तभी तो अब विश्व को भारत पर ऐतबार है

मोदी जी की विदेश नीति का ही असर है कि आज विश्व में भारत की छवि एक शक्तिशाली देश के तौर पर उभर रही है। इसका प्रमाण ये है कि आज विश्व के बड़े बड़े संगठनो में भारत को ना केवल सदस्य बनाया जा रहा है। बल्कि विश्व के कल्याण के लिये उन्हे बड़े पद भी दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारत को संयुक्त राष्ट्र की ‘आर्थिक और सामाजिक परिषद का भी सदस्य चुना गया है।

UN की ‘आर्थिक और सामाजिक परिषद का सदस्य बना भारत

यूनाइटेड नेशंस इकोनॉमिक एंड सोशल काउंसिल का सदस्य भारत को चुन लिया गया है और भारत के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी समिति की तरफ से इसकी जानकारी दी गई है। यूनाइटेड नेशंस में भारत के राजदूत टीएस तिरूमूर्ति ने आर्थिक और सामाजिक परिषद में भारत के चुने जाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों का आभार जताया है। भारत इस संगठन का सदस्य 2024 तक रहेगा। सरकार की माने तो ये एक बड़ी कूटनीतिक जीत है।

क्या है UN आर्थिक और सामाजिक परिषद?

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक तथा सामाजिक परिषद  संयुक्त राष्ट्र संघ के कुछ सदस्य देशों का एक समूह है। ये सदस्य देश सामान्य सभा को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग एवं विकास कार्यक्रमों में सहायता करते हैं। ये परिषद सामाजिक समस्याओं के जरिए अंतरराष्ट्रीय शांति को प्रभावी बनाने का प्रयास करता है। इस परिषद का मानना है कि दुनिया में शांति स्थापित करने का एकमात्र तरीका राजनीति नहीं है। बता दें कि इसकी स्थापना 1945 में की गई थी। शुरुआत में इसमें सिर्फ 18 सदस्य हुआ करते थे। लेकिन 1965 में संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र को संशोधित करके इसके सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 27 कर दी गई। वहीं, 1971 में सदस्यों की संख्या बढ़कर 54 हो गई।

 

इन तीन निकायों के लिए भी हुआ था चुनाव

भारत को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद के ‘अपराध निरोधक एवं आपराधिक आयोग’, ‘लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तिकरण संस्था’ और ‘विश्व खाद्य कार्यक्रम’ के लिए निर्वाचित किया गया था। इन सभी निकायों का कार्यकाल 2022 से शुरू होने वाला है। तीनों ही निकायों का कार्यकाल तीन सालों का होने वाला है। संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख निकायों में भारत का चुना जाना उसकी वैश्विक शक्ति को प्रदर्शित करता है।

इतना ही नहीं इसके पहले भारत एक बार फिर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी अस्थाई सदस्य के तौर पर सदस्य बना था तो भारत को ग्लोबल एलायंस फॉर वैक्सीन एंड इम्युनाइजेशन यानी (गावी) का भी सदस्य बना इसी तरह WHO के चेयरमैन का पद भी भारत को दिया गया। जो ये बताता है कि आज भारत की छवि विश्व के देशों और संगठनो के बीच में क्या बनी है। सभी चाहते हैं कि भारत आगे आकर उनका नेतृत्व करे जिससे समूचे विश्व का कल्याण हो सके।