पीएम मोदी और जनता के बीच कुछ ऐसा है नाता

आजादी के बाद देश को पीएम मोदी एक ऐसे प्रधानसेवक मिले है जिनका संवाद सीधे जनता से है देश में खुशी के पल हो या फिर दुख के क्षण, हर वक्त पीएम मोदी परिवार के एक बड़े मुखिया के रूप में दिखाई देते है और सीधे जनता से बात करते है। पीएम मोदी अपने 6 साल के कार्यकाल के दौरान 13 बार सीधे जनता के बीच रूबरू हुए है जो ये बताता है कि उनके और जनता के बीच इस तरह का रिश्ता है।

कोरोना काल से पहले 6 मार देश को किया संबोधित

ऐसा नही है कि पीएम मोदी कोरोना काल के बाद ही सीधे जनता से संवाद कर रहे है। इसके पहले भी वो देश की जनता के बीच 6 बार सीधे अपने दिल की बात करते हुए नजर आ चुके है।

सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर 2016 को कालेधन पर लगामा लगाने के लिए 500 रुपए और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने का ऐलान किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि आज रात 12 बजे के बाद से 500 और 1000 रुपए के नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे। इस कदम के साथ देश का हर नागरिक पीएम मोदी के साथ दिखा था।

दूसरी बार 31 दिसंबर 2016 को नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार राष्ट्र को संबोधित करते किया। इस दौरान उन्होंने विमुद्रीकरण और काले धन पर बात की। उन्होंने कहा कि बैंक गरीबों को ध्‍यान में रखकर काम करें और लोकहित में उचित निर्णय लें।

तीसरी बार 15 फरवरी, 2019 को प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश को हिलाकर रखने वाले पुलवामा हमले पर बात की थी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि मैं लोगों की भावनाओं और उनके गुस्से को समझता हूँ, हमने सुरक्षा बलों को पूरी स्वतंत्रता दी हुई है और हमें अपने सैनिकों के शौर्य पर पूरा भरोसा है।

चौथी बार पीएम ने 27 मार्च 2019 को मिशन शक्ति की सफलता के अवसर पर देशावासियों को संबोधित किया था।

पाँचवी बार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद पीएम मोदी ने 8 अगस्त 2019 को रात 8 बजे देश को संबोधित किया।

छठी बार 9 नवंबर 2019 को जब प्रधानमंत्री मोदी देश को संबोधित करने आये, तो उन्होंने अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और पंजाब में करतारपुर कॉरिडोर पर बात की थी जो ये बताता है कि मौका कोई भी हो पीएम सीधे जनता से रूबरू होते है और बिना सियासत किये इसका फैयदा भी समझाते है।

कोरोना काल में 7 बार सीधे किया संवाद

देश में कोरोना की आफत जब से सामने आई है तब से ही इससे मोर्चा लेने के लिये मोदी जी ने  खुद मोर्चा संभाल रखा है। जिसके चलते वो हर राज्य के सीएम से कई बार बात कर चुके है तो जनता से सीधा संवाद स्थापित करके इस बीमारी को रोकने की अपील करते हुए नजर आये है। सबसे बड़ी बात ये है कि पीएम ने इस दौरान 7 बार जनता से सीधी बात की है और हर बार पीएम मोदी ने हाथ जोड़कर अपील की है कि जबतक दवाई नही आती तब तक कोरोना को लेकर ढिलाई नही बरतनी चाहिये। इतना ही नही कोरोना वारियर्स के सम्मान में पीएम मोदी ने जनता से सीधे बात करके आह्वान किया कि वो थाली बजाकर और दीपक जलाकर कोरोना वारियर्स को सम्मान दे। जिसे देश की जनता ने हाथो हाथ लिया जिसका असर ये हुआ कि भारत की एकता की ताकत को समूची दुनिया ने देखा। इसी तरह आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिये पीएम मोदी ने सीधे जनता से अपील की जिसके बाद नये भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिये सभी भारतीय एक साथ होकर निकल भी पड़े है और इसका असर भारत के कारोबार पर दिखने भी लगा है।

इन सबको देखकर अब ये साफ नजर आने लगा है कि मोदी जी और जनता के बीच का नाता दिल से है तभी दोनो नये भारत के निर्माण के लिये कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे है।