भारत को सोने की चिड़िया बनने में अब वक्त नही

भारत एक बार फिर से सोने की चिड़िया बनने वाला है क्योकि यू पी के सोनभद्र में सोने की एक खादन हाथ लगी है। जिसकी पुष्टी पर जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने भी की है। अगर सरकार की माने तो अनुमान लगाया जा रहा है कि के सोनभद्र जिले के सोन पहाड़ियों और हरदी इलाके में करीब 3 हजार टन सोना मौजूद है। इस सोने की कीमत करीब 12 लाख करोड़ है। ये भारत के कुल गोल्ड रिजर्व का पांच गुना है। और अगर ये सोना भारत के हाथ लग जायेगा तो समझ लीजिये की भारत हो जायेगा मालामाल जिससे भारत की आर्थिक हालात भी पूरी तरह से बदल जायेगी।

खजाना मिल जाने के बाद सोना ही सोना होगा भारत के पास

कहते है कि सोना सोणा होता है, और जिस देश के पास जितना सोना होता है वो देश उतना आर्थिक तौर पर मजबूत होता है। ऐसे में भारत के लिहाज से एक अच्छी खबर उस वक्त आई है जब समूची दुनिया की आर्थिक स्थिति कुछ खास बेहतर नही है। ऐसे में अगर भारत के हाथ में 3 हजार टन सोना मिल जाएगा तो भारतीय अर्थव्यवस्था की सूरत बदल जाएगी।

सोने के भंडार में नबंर दो पर होगा भारत

सोनभद्र में सोने की खदानों से अगर 3 हजार टन सोना मिल जाता है तो गोल्ड रिजर्व में भारत दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। यानी भारत ऐसा दूसरा देश होगा, जिसके पास सबसे ज्यादा सोना होगा। अभी अमेरिका के पास सबसे ज्यादा सोना है वही दूसरे नबंर पर जर्मनी है जबकि अगर ये 3 हजार टन सोना हाथ लग जाता है तो भारत दूसरे स्थान पर आ जायेगा। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक अभी अमेरिका के पास 8,133.5 टन सोना है,अमेरिका के बाद दूसरा नंबर जर्मनी का आता है, जिसके पास 3,366 टन सोना रखा है। इसके बाद इटली और फ्रांस का नंबर आता है। इटली के पास 2,451.8 टन और फ्रांस के पास 2,436 टन सोना मौजूद है।

मोटे तौर पर बताया जा रहा है कि सोनभद्र की सोन पहाड़ी में करीब 2,943.26 टन सोना मौजूद है, इसके अलावा हरदी ब्लॉक में भी करीब 646.16 किलोग्राम सोने का पता चला है। इसके साथ ही फिलहाल भारत के पास 626 टन गोल्ड रिजर्व है। अगर सोनभद्र से मिले सोने को मिला दिया जाए तो भारत का कुल गोल्ड रिजर्व 3,569.86 टन हो जाएगा। इसके साथ ही गोल्ड रिजर्व में भारत का स्थान दूसरा हो जाएगा।

भारत सोने का आयात करने वाला नही निर्यात करने वाला बनेगा देश

एक अनुमान के मुताबिक भारतीय घरों में कुल मिलाकर 23 हजार से लेकर 24 हजार टन सोना मौजूद है। लोग गहनों और सिक्कों के तौर पर इतना सोना जमा किए हुए हैं। 2015 में मोटे तौर पर अनुमान लगाया गया था कि भारतीय घरों में उस वक्त सोने की कीमतों के आधार पर करीब 800 बिलियन डॉलर का सोना रखा है। भारत दुनियाभर में सोने के सबसे बड़े आयातक देशों में से एक है। अगर सोनभद्र में मिला सोने का भंडार निकल आता है तो भारत अपने सोने का आयात कम कर सकता है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी। एक मोटे अनुमान के मुताबिक भारत हर साल करीब 800 से 900 टन सोने का आयात करता है। सोने के आयात में भारत सरकार को हर साल करीब 33 अरब डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। सरकार के इस कदम के साथ साथ भारत सोने का निर्यात भी कर सकेगा जिससे भारत को काफी फायदा होगा। हालाकि देखना ये होगा कि ये सोना भारत के हाथ कब तक लगता है लेकिन जब ये सोना भारत के हाथ होगा तो सच में भारत सोने की चिड़िया बन जायेगी।