कोरोना के लिये यहां नो एन्ट्री है

कोरोना आपदा को लेकर हर तरफ से सिर्फ बुरी खबरे ही सुनाई दे रही होगी लेकिन इस बीच हम आपके लिये कुछ ऐसी खबर भी लाये है जो आपको कोरोना से लड़ने की हिम्मत देगा और ये बतायेगा कि आप अपने इलाके को कैसे कोरोना मुक्त बना सकते है।

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हिमाचल की इस गांव को कोरोना नहीं लांघ पा रहा

कोरोना माहामारी हर तरफ अपने पैर पसार रही है लेकिन हिमाचल के ऊना जिले के धर्मशाला महंता पंचायत में ये पैर भी नहीं रख पा रहा है। कारण यहां के लोग है जो कोरोना से निपटने के लिये पूरी तरह से सजग है। सरकार की गाइडलाइन का पूरा पालन किया जा रहा है। जिसके चलते गांव में एक भी व्यक्ति को कोरोना बीमारी नहीं हुई है। करीब 1 हजार से अधिक वाले इस गांव में ऐसा नही है कि कोई घर से नहीं निकलता सभी अपने काम पर जाते है लेकिन समाजि दूरी बनाना हाथ को सैनिटाइज करने का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसके साथ दूसरे राज्य से कोई अगर आता है तो उसकी जांच की व्यवस्था कर रखी है जिससे कोरोना का कोई भी खतरा गांव में नही है जो ये साफ दर्शाता है कि अगर हम इससे सावधान रहे तो कोरोना हमारा कुछ नही कर सकता है।

Negative Covid report must to enter Himachal Pradesh, night curfew in four  districts from April 27 - India News

गांव की महिलाओं ने कोरोना के खिलाफ उठाई लाठी

मध्य प्रदेश भी कोरोना से अछूता नहीं है लेकिन बैतूल का एक गांव पहली लहर हो या दूसरी लहर दोनो से बची हुई है। इसके पीछे का कारण है यहां कि महिलाएं जिन्होने लाठी लेकर कोरोना से मोर्चा ले रखा है। चिखलार गांव की महिलाओं ने जनता कर्फ्यू लगा कर हाथों में लाठी लेकर पहरा देना शुरू कर दिया है। उन्होंने पूरे गांव को लॉक कर दिया है। खास बात यह है कि जनता कर्फ्यू लगाने का फैसला गांव की महिलाओं ने खुद लिया। उन्होंने गांव में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। यही नहीं, वे गांव के करीब से गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर भी आने-जाने वालों की निगरानी कर रही हैं।महिलाओं ने लाठी लेकर मोर्चा संभालते हुए गांव की सभी सीमाएं बांस के बैरिकेड लगाकर सील कर दी हैं। गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति, अतिथि या मेहमान का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। महिलाएं यहां पूरे दिन चौकीदारी करती हैं। आने-जाने वालों को रोकती हैं और बेवजह घूमने वालों पर लाठियां बरसाने से भी नहीं चूकती। इनकी इसी कोशिश के चलते अभी तक कोई भी कोरोना का केस गांव में नही मिला है।

कच्ची शराब के लिए बदनाम गांव की महिलाओं का फैसला, कोरोना से बचाव के लिए  लाठ‍ियां उठाकर इलाका क‍िया सील - Trending AajTak

देश के गांव में कोरोना पहली लहर में हारा था क्योकि गांव के लोगों ने कोरोना को हराने के लिये सामाजिक दूरी के साथ साथ सभी नियम को खुद और अपने साथ वाले को कड़ाई से पालन करवाया इसी का नतीजा है कि आज भी गांव में कोरोना के मामले कम है और आगे कम रहे ऐसी हम सब कामना भी करते है लेकिन इन सब के बीच ये गांव उन लोगों को बहुत बड़ी नसीहत भी दे रहे है जो बिना मतलब के बाहर निकल रहे है शायद इन गांव वालो की बात इनके समझ आये और ये भी नियम माने तो कोरोना अपने आप भी आधा पस्त हो जायेगा और आधा हमारी सरकार उसे पस्त कर देगी जिससे एक बार फिर कोरोना से हम लोगो की जीत होगी।