पीएम मोदी और देश जनता के बीच एक अलग ही नाता

पिछले 6 साल से देश में योजनाएं ही नही बनती बल्कि वो धरातल में भी उतरती है और ऐसा इसलिये हो रहा है क्योकि हर एक योजना से सीधे पीएम मोदी जुड़े है। वो अपनी हर योजना पर नजर बनाये रखने के लिये सीधे देश के लोगों के बीच जाते है और जानने की कोशिश करते है कि इस योजना का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नही। इसी क्रम में पीएम मोदी ने आज यूपी में पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों से बात की और जाना की उनका क्या मत है।

स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को मिला कर्ज

‘पीएम स्वनिधि योजना’ के तहत लॉकडाउन में जिन रेहड़ी पटरी वालों की दुकाने बंद हो गई थी और वो फिर से कारोबार शुरू नही कर पा रहे थे उन्हे बैंक से 10 हजार रूपये का लोन दिया गया था। जिससे वो आत्मनिर्भर बन सके और अपना कामकाज फिर से शुरू कर सके। पीएम की इस योजना का लाभ आज लाखों की संख्या में लोगों को हो रहा है। पीएम मोदी ने लाभार्थियों से बात करते हुए बोला कि पहले रेहड़ी पटरी वाले बैंक जाने से कतराते थे लेकिन आज बैंक छोटे छोटे गरीबों को लोग खुद जाकर दे रहा है जिससे देश का गरीब आदमी आज आत्मनिर्भर बन रहा है।

जब पीएम मोदी ने बोला मोमोज नही खा पाता हूं

पीएम मोदी जब भी देश के आम लोगों से बात कर रहे होते है तो लगता ही नही कि दुनिया का इतना शक्तिशाली व्यक्ति किसी से बात कर रहा हो। शायद यही तो खासियत है हमारे प्रधानसेवक की कि वो सभी के साथ दिलों से नाता जोड़ते है तभी ऐसा लगता है कि जैसे कोई घर का बड़ा सदस्य हमसे बात कर रहा हो। कुछ यही हाल बनारस के मोमोज बेचने वाले माही रेहडी वाले से बात करते हुए देखने को मिली जब पीएम मोदी ने बोला कि बनारस में आजकल मोमोज बहुत प्रचलन में है लेकिन मुझे तो खाने को नही मिलते। ऐसे में मोमोज वाले ने जवाब दिया कि आप इस बार बनारस आयेंगे तो हम आप को वैसे ही खिलायेंगे जैसे सबरी ने राम जी को बेर खिलाया था। इस बात से आप समझ सकते है कि मोदी जी और जनता के बीच किस तरह का रिश्ता जुड़ गया है।

आप हमारी उंगली पकड़कर चलेंगे तो कुछ नहीं होगा

पीएम मोदी पर देशवासियों का कितना विश्वास है ये आप पीएम मोदी और आगरा कि फल विक्रेता प्रीति से हुई बातचीत से लगा सकते है। प्रीति ने प्रधानमंत्री से ऐसी बात कही, जिसने सभी के दिन को छू लिया और भावुक कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगरा की प्रीति से बातचीत की शुरुआत नमस्ते से करते हुए पूछा कि योजना के तहत किस तरह से लाभ मिला है। प्रीति ने बताया कि व्यापार पूरी तरह से खत्म हो गया था। 10000 रुपये का कर्ज मिलने के बाद दोबारा काम शुरू किया। प्रीति अब फल का ठेल लगाती है।प्रीति ने बताया कि लॉकडाउन से पहले सब्जी की ठेला लगाती थी, लेकिन काम ठप्प हो गया था। नगर निगम से संपर्क कर ऋण लिया, इसके बाद फल की ठेला लगाया। प्रधानमंत्री ने जब प्रीति से कहा कि अपने पैरों पर खड़ा होकर परिवार का पालन करें बच्चों को पढ़ाएं तो प्रीति ने कहा कि आप हमारी उंगली पकड़कर चलेंगे तो कुछ नहीं होगा। पीएम मोदी पर जनता का ये विश्वास का रिश्ता ही है जो हर दिन बढ़ता ही जा रहा है।

सच में आजादी के बाद देश को ऐसे प्रधान मिले है जो देश कि जनता का ख्याल बिलकुल घर के बड़े अभिभावक की तरह रखते है। तभी तो संवाद खत्म होने से पहले एक बार फिर से उन्होने सबसे कोरोना के इस काल में सजग और सावधानी बरतने की बात के साथ अपनी बात का अंत किया।