आज जैसी निर्णायक सरकार देश में पहले नहीं रही: मोदी

इसमे तो कोई दो राय नहीं, कि आज जितनी निर्णायक सरकार भारत में उतनी पहले कभी नही रही होगा। मोदी सरकार के निर्णय इस बात पर मोहर भी लगाते है। कोई भी सेक्टर हो हर सेक्टर में मोदी सरकार आगे बढ़कर कड़े फैसले लेने में भी नही हिचकती है। स्पेस सेक्टर और स्पेस टेक को लेकर आज भारत में जो बड़े सुधार हो रहे हैं, वो इसी की एक कड़ी है।

स्पेस रिफॉर्म्स, 4 पिलर्स पर आधारित

स्पेस सेक्टर को लेकर भारतीय अंतरिक्ष संघ की शुरूआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा, जब हम स्पेस रिफॉर्म्स की बात करते हैं, तो हमारी अप्रोच 4 पिलर्स पर आधारित है। पहला, प्राइवेट सेक्टर को इनोवेशन की आजादी मिले। दूसरा, सरकार की संबल के रूप में भूमिका हो। तीसरा, भविष्य के लिए युवाओं को तैयार करना और चौथा, स्पेस सेक्टर को सामान्य लोगों की प्रगति के संसाधन के रूप में देखना है। पीएम मोदी ने बोला कि भारतीय स्पेस सेक्टर, 130 करोड़ देशवासियों की प्रगति का एक बड़ा माध्यम है। हमारे लिए स्पेस सेक्टर यानी, सामान्य मानवी के लिए बेहतर मैपिंग, इमेजिंग और कनेक्टिविटी की सुविधा! हमारे लिए स्पेस सेक्टर यानी, इंटरप्रिन्योर के लिए शिपमेंट से लेकर डिलीवरी तक बेहतर स्पीड है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान सिर्फ एक विजन नहीं है

आत्मनिर्भर भारत पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान सिर्फ एक विजन नहीं है बल्कि एक सुविचारित, सुनियोजित, एकीकृत आर्थिक रणनीति भी है। एक ऐसी रणनीति जो भारत के उद्यमियों, भारत के युवाओं के स्किल की क्षमताओं को बढ़ाकर, भारत को ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग पावर हाउस बनाए। एक ऐसी रणनीति जो भारत के टेक्नोलॉजीकल एक्सपर्टीज को आधार बनाकर, भारत को इनोवेशंस का ग्लोबल सेंटर बनाए। एक ऐसी रणनीति, जो वैश्विक विकास में बड़ी भूमिका निभाए, भारत के ह्यूमन रिसोर्स और टैलेंट की प्रतिष्ठा, विश्व स्तर पर बढ़ाए।’ इस दौरान उन्होने एयर इंडिया की नीलामी का जिक्र करते हुए कहा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम को लेकर सरकार एक स्पष्ट नीति के साथ आगे बढ़ रही है और जहां सरकार की आवश्यकता नहीं है, ऐसे ज्यादातर सेक्टर्स को प्राइवेट एंटरप्राइजेज के लिए खोल रही है। अभी एयर इंडिया से जुड़ा जो फैसला लिया गया है वो सरकार की प्रतिबद्धता और गंभीरता को दिखाता है।

20वीं सदी में स्पेस और स्पेस पर राज करने की प्रवृत्ति ने दुनिया के देशों को किस तरह विभाजित किया। अब 21वीं सदी में स्पेस, दुनिया को जोड़ने में, एक करने में अहम भूमिका निभाए, ये भारत को सुनिश्चित करना होगा जिससे विश्व का कल्याण को और मानव सम्यता और फले फूले।