भारत को लेकर दुनिया की सोच में हुआ है बड़ा बदलाव- मोदी

पीएम मोदी ने एसोचैम के स्थापना सप्ताह को संबोधित करते हुए एक बार फिर से देश की आर्थिक रफ्तार बढ़ाने का मंत्र दिया। अपने संबोधन में उन्होंने तमाम कंपनियों को प्रोत्साहित किया। पूरे संबोधन के दौरान उनका सबसे अहम फोकस आत्मनिर्भर भारत पर रहा। आइए जानते हैं पीएम मोदी ने अपने संबोधन में क्या-क्या कहा।

आत्मनिर्भर भारत के लिए लगा दें पूरी ताकत

पीएम बोले कि बीते 100 सालों से आप सभी देश की Economy को और करोड़ों भारतीयों के जीवन को बेहतर बनाने में जुटे हैं। अब आने वाले वर्षों में आत्मनिर्भर भारत के लिए आपको पूरी ताकत लगा देनी है। इस समय दुनिया चौथी औद्योगिक क्रांति की तरफ तेज़ी से आगे बढ़ रही है। नई टेक्नॉलॉजी के रूप में चुनौतियां भी आएंगी और उनके अनेक समाधान भी आएंगे। इसलिए आज वो समय है, जब हमें प्लान भी करना है और एक्ट भी करना है।

आने वाले 27 साल अहम

हमें हर साल के, हर लक्ष्य को राष्ट्र निर्माण के एक बड़े लक्ष्य के साथ जोड़ना है। आने वाले 27 साल भारत के ग्लोबल होने को ही तय नहीं करेंगे, बल्कि ये हम भारतीयों के सपनों और डेडिकेशन दोनों को टेस्ट करेंगे। ये समय भारतीय इंडस्ट्री के रूप में आपकी क्षमता, कमिटमेंट और ताकत को दुनिया भर को दिखा देने का है। हमारा चैलेंज सिर्फ आत्मनिर्भरता ही नहीं है, बल्कि हम इस लक्ष्य को कितनी जल्दी हासिल करते हैं, ये भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

पहले कहते थे भारत ही क्यों, अब कहते हैं भारत क्यों नहीं!

एक जमाने में हमारे यहां जो परिस्थितियां थीं, उसके बाद कहा जाने लगा था कि भारत ही क्यों? अब जो रिफॉर्म देश में हुए हैं, उनका जो प्रभाव दिखा है, उसके बाद कहा जा रहा है कि भारत क्यों नहीं? नया भारत, अपने सामर्थ्य पर भरोसा करते हुए, अपने संसाधनों पर भरोसा करते हुए आत्मनिर्भर भारत को आगे बढ़ा रहा है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मैन्युफेक्चरिंग पर हमारा विशेष फोकस है। मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए हम निरंतर रिफॉर्म कर रहे हैं। देश आज करोड़ों युवाओं को अवसर देने वाले एंटरप्राइज और वेल्थ क्रिएटर्स के साथ है।

रिसर्च पर निवेश बढ़ाने की जरूरत

पीएम मोदी ने कहा कि निवेश का एक और पक्ष है जिसकी चर्चा आवश्यक है। ये है रिसर्च एंड डेवलपमेंट- R&D पर होने वाला निवेश। भारत में R&D पर निवेश बढ़ाए जाने की जरूरत है। इसके साथ उन्होने कहा कि 21वीं सदी की शुरुआत में अटल जी ने भारत के राजमार्गों को एक दूसरे में जोड़ने का लक्ष्य रखा था। आज देश में Physical और Digital Infrastructure पर विशेष फोकस किया जा रहा है। जिससे देश में तेजी के साथ आर्थिक व्यवस्था को बढ़ाया जा सके। इतना ही नही, पीएम ने जोश भरते हुए आश्वस्त भी दिया कि देश के  कारोबारियों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसका भी ध्यान सरकार पूरी तरह से रख रही है।

कुल मिलाकर मोदी जी ने कोरोना काल के बाद किस तरह से देश और दुनिया में भारतीय कारोबारियों का परचम लहरे इसके लिये बड़े बड़े उघोगपतियों को मंत्र दिया साथ ही सरकार उनके साथ है इसका भी भरोसा जताया ।