भारतीय रेलवे के लिए साल 2019 रहा बेमिसाल

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भारतीय रेलवे निरंतर विकास की पटरी पर दौड़ते चली जा रही है और विगत वर्ष 2019 में रेलवे में कितना विकास हुआ है, इस बात का अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते है की रेल दुर्घटनाओं में 2019 में किसी भी यात्री की जान नहीं गई है।

सुरक्षा

भारतीय रेलवे के लिए 2019 ऐतिहासिक साबित हुआ और उसे एक नया कीर्तिमान अपने नाम दर्ज कराने में सफलता मिली। दरअसल, रेल दुर्घटनाओं में 2019 में किसी भी यात्री की जान नहीं गई, और इस उपलब्धि के लिए 2019 रेलवे के इतिहास में सर्वाधिक सुरक्षित वर्ष के रूप में दर्ज हो गया।

रेलवे की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रेलवे के 166 साल के लंबे इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि वित्त वर्ष 2019-20 में अभी तक ट्रेन दुर्घटना में किसी भी यात्री की जान नहीं गई। इन आंकड़ों में कहा गया है कि पिछले साल रेलवे में रेलकर्मियों की तो मौत हुई लेकिन पिछले 12 महीनों में किसी भी यात्री की मौत नहीं हुई। इससे पहले, वर्ष 2018-19 में रेलवे में अनेक दुर्घटनाओं में 16, वर्ष 2017-2018 में 28 और 2016-2017 में 195 लोगों की मौत हुई थी।

रेलवे दुर्घटना में कैसे आई कमी

भारतीय रेलवे ने कहा कि रेलवे की ओर से सेफ्टी को लेकर कई कदम उठाए गए, जिसका नतीजा यह रहा कि 2019 में रेल दुर्घटनाओं में किसी भी यात्री को जान से हाथ नहीं धोना पड़ा। रेलवे ने जो कदम उठाए हैं, उनमें रखरखाव के लिए मेगा ब्लॉक्स और आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल होना, ICF कोचेज का LHB कोचेज से रिप्लेसमेंट, मानव रहित सभी क्रॉसिंग को समाप्त करना शामिल है।

डिजिटल इंडिया

लगभग 5500 स्टेशनों पर फ्री वाई-फाई की सुविधा मिल रही है। ई-टिकटिंग की व्यवस्था की गई। हाल्ट स्टेशनों के लिए अनारक्षित टिकट अनारक्षित टिकट प्रणाली (यूटीएस) टर्मिनलों के माध्यम से जारी किए जाएंगे जो पहले मुद्रित कार्ड टिकट प्रणाली के माध्यम से होता था।

रेलवे कमांडो बटालियन ‘कोरस’ की शुरुआत

रेलवे में आतंकवाद और नक्सलवाद के खतरे से निपटने के लिए पहली रेलवे कमांडो बटालियन ‘कोरस’ की शुरुआत की गई है। ये कोरस कमांडो उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों, पूर्वोत्तर क्षेत्र और जम्मू-कश्मीर में तैनात किए जाएंगे, जहां यात्रियों और रेलवे नेटवर्क को सुरक्षा प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही साथ रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा के लिए 500 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। इन कैमरों का लिंक स्थानीय स्टेशनों, जीआरपी, आरपीएफ, मंडल कार्यालय और यहां तक कि मंत्री के कार्यालय को भी दिया जाएगा।

रेलवे ने साल 2019 में कई और महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:

 रेलवे ने साल 2019 में 65,627 डिब्बों में 2,34,248 बायो टॉयलट लगाए। साथ ही कई स्टेशनों पर भी कई टॉयलट बनाए गए हैं।
 रेलवे ने गांधी जी की 150वीं जयंति पर सिंगल प्लास्टिक को बैन किया।
 भारतीय रेलवे ने ICF से वंदे भारत ट्रेनों की 44 रेक की खरीद की।

 


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