आने वाले दिनों में बदली-बदली होगी दुनिया

जब से कोरोना वायरस दुनिया में आया है, तब से ही दुनिया पूरी तरह से बदल गई है और ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दुनिया में कई तरह के और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं, मसलन काम करने के तरीके मे रहनसहन में बहुत तेजी के साथ नयापन दिख रहा है। माना जा रहा है कि जो बदलाव 2 साल में दुनिया में आते वो महज कुछ महीनो में ही दिख रहे हैं। चलिये जानते हैं कि किस तरह के बदलाव दुनिया में हो रहे हैं।

वर्क फ्रॉम होम का चलन

कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा असर अगर किसी चीज पर पड़ा है तो वो है, काम करने के तरीके में आज देश ही नहीं दुनिया के हजारों शहरों में लोग घर बैठकर अपनी कंपनी का काम कर रहे हैं। इस चलन से कंपनियो को बहुत फायदा हो रहा है। उदाहरण के तौर पर कंपनियों को अपने कर्मचारियों को जो सुविधा देनी होती थी वो कम  हुई हैं तो दूसरा ये कि  दफ्तरों के बिजली के बिल भी बहुत कम हुए हैं।इसके साथसाथ बिल्डिंग का किराया, ऑफिस ब्वॉय की भी जरूरत नही पड़ रही है। जिसको लेकर बहुत सी कंपनी इस व्यवस्था को आगे भी जारी रखने के पक्ष में दिख रहे हैं।

 

कोरोना वायरस के आने से पहले की बात करें तो लोगों का अक्सर बाहर खाना हो जाता था जिससे कई तरह की बीमारी का खतरा भी बना रहता था लेकिन जब से लॉकडाउन शुरू हुआ है तब से बाहर का खाना पूरी तरह से बंद हो गया है और घर में ही तैयार किया गया खाना लोग ज्यादा खा रहे हैं। इसके साथसाथ सेहत का ध्यान रखकर लोग खाना खा रहे हैं तो घर पर योग और व्ययाम का भी ध्यान रख रहे हैं जिससे बहुत बड़ा परिवर्तन लोगो में दिखने लगा है। इतना ही नहीं लोगों का रुझान आज मांसाहारी से शाकाहारी की तरफ ज्यादा बढ़ा है। जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि दिल संबधित रोग दुनिया में कम होंगे।

आपसी रिश्ते में बदलाव

अपने तो अपने होते हैं ये बात बिलकुल सच है लेकिन कोरोना संकट से पहले हम ये बात भूल गये थे और दुनिया की भीड़तंत्र में अपनों से दूर हो रहे थे लेकिन कोरोना काल ने फिर से अपनों को अपनों से मिला दिया है। आज रिश्तों के भाव को फिर से हम समझने लगे हैं हम एक दूसरे के ज्यादा दिल के करीब आये हैं l साथ ही एक दूसरे से मिलने के तरीके में भी आज बदलाव देखा जा रहा है। जो कोरोना वायरस की ही देन है।

बचत करने की बढ़ेगी सोच

वैसे एशिया के देशों के बजाये यूरोप में बचत करने की सोच ज्यादा बढ़ेगी क्योंकि भारत में ये सोच पहले से ही आम जन में देखने को मिलती हैl लेकिन यूरोपियन देशों में लोग पैसा को खर्च करने में बड़े दिल वाले हैं लेकिन अब जब कोरोना के चलते लाखों लोग बेरोजगार हो रहे हैं तो ऐसा माना जा रहा है कि सीमित संसाधन होने के चलते खर्च में कटौती भी देखी जा सकती है।

लौटेगा साइकिल का जमाना

एक सर्वे में ये निकलकर सामने आया है कि आने वाले दिनो में साइकिल भी लोगों की साथी बनेगी। इसकी मुख्य वजह समाजिक दूरी को माना जा रहा है। जिन लोगों को पास के किसी बाजार या मॉल में जाना है या जो लोग शेयरिंग ऑटो का इस्तेमाल करते हैं, वे साइकिल का ही इस्तेमाल करेंगे, क्योंकि साइकिल पर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन होगा और किसी के संपर्क में आने का कोई मसला नहीं रहेगा। इसके अलावा इसमें खर्च भी कम है। अमेरिका में कोरोना महामारी के दौरान साइकिल सबसे बड़ा साधन है।

 

वैसे कुछ बदलाव की झलक अभी से दिखने लगी है। लेकिन आने वाले दिनो में दुनिया बिल्कुल बदली हुई दिखेगी क्योंकि पुराने रंग हट चुके होंगे और नये कलेवर में दुनिया फिर से आगे बढ़ने की राह तलाश रही होगी। और हमारे यहां तो कहा ही जाता है कि पुरानी बातों को याद में रखकर कुछ नया करो और देश और दुनिया की भलाई के लिये अच्छे काम करते रहो।