पर्यावरण के मुद्दे पर दुनिया भारत को लीडर की तरह देख रही: मोदी  

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पर्यावरण को लेकर भारत आज क्या कर रहा है और आने वाले दिनो के लिये उसने क्या प्लान बनाया है इस बाबत पीएम मोदी ने एक रोडमैप दुनिया के सामने रखा। इतना ही नही पीएम मोदी ने इस दौरान बोला कि दुनिया भारत को पर्यावरण के मुद्दे पर एक लीडर के तौर पर देख रही है।

एथेनॉल 21वीं सदी की होगी प्राथमिकता

इस दौरान पीएम मोदी ने देश के किसानों के साथ  बात की और किसानों से खेती में  जैविक खाद का इस्तेमाल करने की अपील की। पीएम ने किसानों से बोला ये धरा हमारी माँ है, इसलिये धऱती माँ की रक्षा के लिये हमें जैविक खाद का प्रयोग करने का संकल्प लेना होगा। इतना ही नहीं गन्ना किसानों के साथ एथेनॉल पर चर्चा की, पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप गौर से देखें तो 7-8 साल पहले भारत में एथेनॉल पर चर्चा दुर्लभ थी, लेकिन अब एथेनॉल भारत की 21वीं सदी की प्राथमिकताओं से जुड़ गया है। यह पर्यावरण के साथ-साथ किसानों के जीवन की भी मदद कर रहा है। हमने 2025 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग को पूरा करने का संकल्प लिया है जिसे हम पूरा करके दिखायेंगे। क्लाइमेट चेंज की वजह से जो चुनौतियां सामने आ रही हैं, भारत उनके प्रति जागरूक भी है और सक्रियता से काम भी कर रहा है। बीते साल ही ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 21,000 करोड़ रुपये का इथेनॉल खरीदा है। इसका एक बड़ा हिस्सा हमारे किसानों की जेब में गया है। विशेष रूप से गन्ना किसानों को इससे बड़ा लाभ हुआ है जिससे उनकी आय बढ़ी है जो एक शुभ संकेत है।

अर्थव्यवस्था और पर्यावरण साथ बढ़ सकते हैं

जो लोग ये बोलते है कि पर्यावरण का दोहन अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए किया जाता है जिससे धरती को नुकसान पहुंचता है, वो सिर्फ भ्रम फैलाते है। क्योकि मोदी सरकार ने जिस तरह से अर्थव्यवस्था को भी दुरूस्त किया है उससे पर्यावरण को नुकसान बहुत कम हुआ है। पीएम मोदी ने बोला कि हमने देश को 37 करोड़ से ज्यादा एलईडी बल्ब और 23 लाख एनर्जी एफीशिएंट पंखे उपलब्ध कराए हैं। इसी तरह, उज्ज्वला योजना के तहत गैसों और सौभाग्य योजना के तहत बिजली ने प्रदूषण को कम करने में मदद की है, जिससे महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है। प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि अर्थव्यवस्था और पर्यावरण  दोनों एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। भारत ने इस रास्ते को आगे बढ़ने के लिए चुना है। पिछले कुछ सालों में, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ हमारे वन क्षेत्र में भी वृद्धि हुई है। हाल ही में हमारे बाघों की आबादी दोगुनी हो गई है। इतना ही नही उन्होने बोला कि यह एक झूठ है कि वायु प्रदूषण केवल उद्योगों से फैलता है। इसमें परिवहन, डीजल जनरेटर और ज्यादा योगदान देते हैं। भारत समग्र दृष्टिकोण के साथ अपने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम पर काम कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि 6-7 साल में रिन्यूएबल एनर्जी की हमारी क्षमता में 250% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इंस्टॉलड रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के मामले में भारत आज दुनिया के टॉप-5 देशों में है। इसमें भी सौर ऊर्जा की क्षमता को बीते 6 साल में लगभग 15 गुना बढ़ाया है।

ये बताता है कि भारत तेजी के साथ पर्यावरण की रक्षा करते हुए आगे बढ़ रहा है। वैसे भी भारतीय संस्कृति में साफ तौर पर बोला गया है कि धरा की रक्षा करना इंसान का सबसे बड़ा धर्म है जिसे हमारे लोग दशको से करते भी आ रहे है और आगे इसे करते भी रहेंगे। भूलना नहीं चाहिए कि भारत धरती को माँ मानने वाला देश है जबकि पेड़ों, पत्थरों, पहाड़ों और प्रकृति के अन्य संसाधनों को पूजने वाला देश है।