मोदी सरकार की योजनाओं को अपना रही दुनिया

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मोदी सरकार की योजनाओं को अपना रही दुनिया

 उज्ज्वला जैसी योजना लागू करने वाला पहला देश बना घाना

 घाना ने अपनी 50% आबादी को एलपीजी कनेक्शन देने के लिए भारत से तकनीकी मदद मांगी

 RuPay कार्ड को मालदीव, सिंगापुर, भूटान, यूएई, बहरीन और सऊदी अरब ने अपनाया

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली मोदी सरकार समय-समय पर ऐसे कई कदम उठाती रहती है, जिससे सामान्य मानव के जीवन को आसान बनाया जा सके। मोदी सरकार ने जनता के लिए कई ऐसी योजनाएं शुरू की है, जो सामन्य मानव के जीवन को आसान बनाने में बेहद कारगर सिद्ध हुई हैं। आइए मोदी सरकार की ऐसी ही कुछ योजनओं पर एक नजर डालते हैं-

• आयुष्मान भारत योजना
• जन धन योजना
• उज्ज्वला योजना
• सुकन्या समृद्धि योजना
• स्वच्छ भारत अभियान
• प्रधानमंत्री आवास योजना
• प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना
• मुद्रा योजना
• स्टार्ट अप इंडिया
• प्रधानमंत्री जन-औषधि योजना
• प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

सरकार द्वारा उठाये गए ऐसे कई योजनाओं के सफल क्रियान्वन के बाद देश में ही नहीं विदेशों में भी इन योजनाओं के बारे में चर्चा होने लगी है। और कई देश अपने जरूरतों के हिसाब से ऐसे योजना को अपने देश में भी लागू करना चाहते है। ऐसे ही योजना के बारे में हम आपको बताने जा रहे है :

• उज्ज्वला योजना

उज्जवला योजना का व्यापक अध्ययन के बाद घाना की तरफ से इसे लागू करने का फैसला किया गया है। घाना ने भारत को बताया है कि आर्थिक तौर पर कमजोर तबके को उज्जवला जैसी योजना से काफी आसानी से गैस कनेक्शन दी जा सकती है। इससे घाना की कई समाजिक व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी समाधान निकलेगा। यही वजह है कि घाना ने किसी विकसित देश के बजाय भारत से मदद मांगी है।

गरीब जनता को बहुत ही किफायती कीमत पर रसोई गैस एलपीजी कनेक्शन देने की मोदी सरकार की उज्जवला योजना के प्रति कई देश अपनी रुचि दिखा चुके हैं। अफ्रीका का घाना पहला देश बन गया है जिसने उज्जवला के तर्ज पर ही इस तरह की योजना को लागू करने का फैसला किया है और इसमें भारत से तकनीकी मदद भी मांगी है।

बुधवार को दोनो देशों के बीच इस बारे में एक करार भी हुआ है। समझौते के तहत भारत घाना को एलपीजी से जुड़ी नीति को क्रियान्वित करने में तकनीकी व विशेषज्ञता मुहैया कराएगा। भारत की मदद से घाना अपनी 50 फीसद आबादी को वर्ष 2030 साफ व स्वच्छ इनर्जी देना चाहता है।

समझौते पत्र पर पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेद्र प्रधान और घाना के राजदूत माइकल एरॉन की मौजूदगी में सरकारी तेल कंपनी इंडियन आयल ने घाना की नेशनल पेट्रोलियम अथॉरिटी के बीच किया गया। गौरतलब है की भारत ने सिर्फ 5 वर्षो में इस योजना के जरिए 8 करोड़ घरों में गैस कनेक्शन दिया है।

बता दे की अफ्रीका के अधिकांश देश काफी गरीब हैं लेकिन जिस तेजी से उनकी आबादी बढ़ रही है उसे देखते हुए वहां इनर्जी मांग दुनिया में सबसे तेज होने के आसार हैं।

• रुपे कार्ड

भारत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, मालदीव, बहरीन और भूटान में रुपे कार्ड को शुरू कर चुका है। इन देशों की बहुत सी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अब भारत के इस डिजिटल भुगतान कार्ड से खरीद की जा सकती है। संयुक्त अरब अमीरात पश्चिम एशिया का पहला देश बन गया है, जिसने इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की भारतीय प्रणाली को अपनाया है।

क्या है रुपे कार्ड

रुपे दो शब्दों Rupee और Payment के संयोजन से बनाया गया है। रुपे सबसे लोकप्रिय Payment Gateways में से एक है। इस Payment Gateway को भारत में विकसित किया गया है और अधिकांश बैंकों द्वारा इस Payment System को अपनाया गया है। रुपे में International Payment Gateway Visa और Master Card की तरह कई फायदे हैं।

रुपे कार्ड का उपयोग कर आप निम्न कार्य कर सकते हैं:

 ATM पर लेन-देन के लिए
 दुकानों पर भुगतान के लिए
 Online Payment के लिए

 


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