शिक्षा का मंदिर JNU बना सियासत चमकाने का अड्डा

आजकल दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू विश्वविधालय खूब सुर्खियों में है,मगर इस बार वो किसी बड़ी उपलब्धि के चलते चर्चा का विषय नही बना हुआ है,बल्कि सियासी हलचल के लिए जाना जा रहा है। ऐसे में ये कहा जाये कि कि बीते कुछ सालों से कुछ लोग अपने फायदे के लिये JNU का इस्तेमाल कर रहे है, तो ये गलत नही होगा।

अखाड़े में बदलता JNU

कुछ लोग मजाक मजाक में ये कहते हुए सुनाई देते है, कि कुछ काम ऐसा करना चाहिये की लोग पूजे या फिर थूके, कुछ इसी बात को ध्यान में रखकर देश की सबसे बेहतरीन विश्वविधालय में देश के खिलाफ नारे लगाने लगे क्योकि कुछ लोग अच्छी तरह से जानते थे कि अगर वो सरकार या भारत के खिलाफ जहर उगलेगे, तो उन्हे मीडिया की सुर्खियों में जगह मिलेगी, इसलिये उन लोगो ने ऐसा काम भी किया। मसलन अब आप देख सकते है कि किस तरह से कन्हैया कुमार मीडिया के चहेते है, या फिर मोदी विरोधी खेमे की पंसद। हर जगह वो अपना गुस्सा प्रकट करने तो पहुंच जाते है लेकिन देश के विकास के लिये कोई भी मॉडल नही बता पाते है। शायद ऐसे लोगो के चलते ही आज JNU का माहौल खराब हुआ है और वो अपने हितों के चलते JNU के हजारों छात्रों का भी नाम बदनाम कर रहे है। वही कुछ वो लोग भी है जो कभी JNU का हिस्सा थे, लेकिन आज सियासत में अपनी पहचान खो चुके है, या फिर सियासत में पहचान बनाये रखने की कोशिश कर रहे है ,वो छात्रों को भड़का कर माहौल खराब करने में जुटे है, जिसको लेकर  JNU का माहौल दिन पर दिन गिरता जा रहा है या फिर ये कहे कि उग्र होता जा रहा है।

फिल्मी हस्तियों को भी चमकने का मिला मौका

ऐसे ही कुछ फिल्मी हस्तियां भी है, जिनका कैरियर लुप्त होता जा रहा है, वो भी JNU के जरिये अपने आप को चमकाने में लगे है। आलम ये है कि न जान न पहचान बिन बुलाये मेहमान के तौर पर ये हस्तियां या तो JNU पहुंच रही है। या फिर दूर बैठे आग में घी का काम कर रही है। इन सब का मकसद सिर्फ अपने फायदे से जुड़ा है जो इस सरकार में इन्हे नही मिल पा रहा है। जिसका विरोध करने के लिये ये लोग JNU के बच्चो को तलवार बना रहे है और सरकार के खिलाफ चला रहे है। इस बात को उस वक्त और प्रमाण मिल गया, जब खुद दीपिका पादुकोण JNU पहुंची और ये दिखाने का जतन किया कि वो कितनी दुखी है, हालाकि अगर आज उनसे ये पूछा जाये कि JNU में विवाद किस मुद्दे पर हुआ था तो नही बता सकती है लेकिन विरोध करने चल पड़ी। इसी तरह फिल्मी हस्तियों की लंबी फेहरिस्त है जो बिना समझे बूझे बयानबाजी कर रहे है और लोगो में भ्रम फैला रहे है.

ऐसे में लगता तो यही है, कि कुछ लोग मोदी सरकार से सीधे टक्कर नही ले पा रहे है। वो लोग सिर्फ JNU नही दूसरे विश्वविधालय के छात्रों को गुमराह करके माहौल खराब करने में जुटे है। ऐसे में हम तो यही कहेंगे कि जितनी जल्दी देश के छात्र इस बात को समझ जाये तो बेहतर होगा, वरना वो अपना कैरियर खराब करेगे और भविष्य भी।