अटके कामों को हल करने के रूप में जाना जायेगा, मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल 

मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा कर चुकी है। 2019 का जनादेश ऐतिहासिक था। 35 साल बाद किसी सरकार की इतने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी हुई। ऐसा जनादेश आत्मविश्वास तो देता ही है, साथ में कई चुनौतियां भी लेकर आता है। लेकिन इन चुनौतियों को अवसर में मोदी सरकार ने ही बदला है तभी तो पहले कार्यकाल में जहां भ्रष्टाचार को रोका तो कई तरह के सामाजिक सुधार पर जोर दिया। वहीं दूसरे कार्यकाल में देश को आर्थिक गति देने के लिए अटके मुद्दे को हल किया जा रहा है।

विचारधारा को प्राथमिकता

दूसरे कार्यकाल का यह पहला साल भी कम संकट से भरा नहीं रहा है। सरकार का ध्यान जीवनयापन में सुगमता लाने और अर्थव्यवस्था को तेजी प्रदान करने पर अधिक रहा। इस साल  विचारधारा को अन्य चीजों पर वरीयता प्राप्त हुई है। ऐसे में वो बात याद आती है जब देश के गृहमंत्री ने बोला था कि ‘हम दूसरे कार्यकाल में केवल शासन करने के लिए नहीं, भारत के दीर्घकालिक मुद्दों को हल करने के लिए चुने गए हैं।’ तभी तो सरकार ने सामाजिक मुद्दे हो या विवादित और या फिर किसान कामगारों से जुड़े वो मुद्दे जो दशकों से अटके थे वो तुरंत सुलझा लिये गये। वहीं दूसरी तरफ इस कार्यकाल का दूसरा बजट पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए रोडमैप तैयार करने के लिहाज से मील का पत्थर है। इस बजट में आर्थिक विकास के तहत सरकार ने सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे तकनीकी केंद्रों, बिजली और अक्षय ऊर्जा, कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण हवाई अड्डों, बंदरगाहों और रेलवे का ध्यान रखा। वित्त मंत्री ने केंद्र, राज्य और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के माध्यम से वित्तपोषण के लिए 6500 परियोजनाओं की पहचान करने वाली राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन के तहत 103 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े तंत्र को स्वरूप दिया। तो कोरोना संकट के बाद आर्थिक गति को तेज करने के लिए महा पैकेज का ऐलान भी किया।

 भविष्य का रोडमैप

केंद्र सरकार ने अटल इनोवेशन मिशन, अटल इन्क्यूबेशन सेंटर और अटल टिंकरिंग लैब्स जैसे मजबूत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम की स्थापना की थी। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई), बिग डेटा और एनालिटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत के लिए बड़ी गुंजाइश है। आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत सरकार ने अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी जैसे पांच स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे अनेक अवसर पैदा होंगे। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में आगे के लिए रोडमैप तैयार है और हम पूरे उत्साह के साथ इस पर अमल को लेकर प्रतिबद्ध हैं। भारत के हित और प्रखर राष्ट्रवाद के साथ हमारी सरकार सभी नीतियों को लागू कर रही है और यह आश्वासन दे रही है कि सबका भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

बहरहाल एक साल पूरा होने के बाद लगातार दो दिन कैबिनेट करके पीएम मोदी ने ये साफ कर दिया है कि उनकी स्पीड धीमी नहीं पड़ने और आने वाले चार सालो में कुछ और ऐसे फैसले देखे जा सकते हैं जिन्हें लेने को लेकर सरकारें हिचकिचाती थी वो भी पूर्णबहुमत होने के बाद लेकिन मोदी सरकार ऐसी सरकार है जो सत्ता में रहकर सत्ता बचाने के लिये काम नहीं करती बल्कि देश को आगे बढ़ाने का काम करती है।