भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक गौरव को संजोने के लौटे दिन

विश्व में भारत का खोया हुआ सम्मान जहां पीएम मोदी वापस दिला रहे हैं तो भारत की खोई विरासत को भारत दोबारा से ला भी रहे हैं। इसी क्रम में 100 साल पहले भारत से चोरी हुई मां अन्नपूर्णा की मूर्ति कनाडा से वापस भारत आ चुकी है। जिसकी काशी के बाबा विश्वनाथ मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा की जायेगी।

भारत की खोई विरासत फिर वापस आ रही है

इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि पिछले सात सालों से भारत अपनी जड़ों से जुड़ता जा रहा है। भारतीय संस्कृति जिसका ह्रास दिन पर दिन होता जा रहा था और पश्चिमी सम्यता में जहां हम खोते जा रहे थे तो आज हम फिर से अपनी सम्यता को समझ रहे हैं और समूचे विश्व को समझा भी रहे हैं। जिससे भारत तेजी से विश्व से जुड़ ही नहीं रहा बल्कि भारत का मान भी विश्व में बढ़ रहा है। तभी तो पीएम मोदी विश्व में कहीं भी जाते हैं तो उन्हे भारतीय सम्यता में विदेश के लोग देखने को मिलते हैं और भारत को उसकी विरासत भी लौटा रहे हैं। इसी क्रम में कनाडा से 100 साल पहले हुई चोरी मूर्ति वापस भारत आ चुकी है। जिसे बनारस ले जाने के लिये केंद्र सरकार ने खासा इंतजाम भी किया है। बकायदा पूजा और आराधना के बाद इस मूर्ति को एक रथ के जरिये बनारस भेजा जा रहा है। इस मौके पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी  ने पुष्प अर्पित करते हुए मां की पूजा-अर्चना की। इस मूर्ति को बनारास के काशी विश्वनाथ मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा की जायेगी। ऐसे ही ब्रिटेन से भी भारत राम जानकी और लक्ष्मण की 42 साल पहले चोरी हुई मूर्ति भारत वापस आ चुकी है। जिससे ये पता चलता है कि भारत अपनी खोई हुई विरासत को भूला नही है।

विश्व में भारतीय संस्कृति को अपनाते लोग

दूसरी तरफ देखा जाये तो भारतीय संस्कृति को विश्व अपनाने में भी लगा है। फिर वो भारत का योगा हो या अध्यात्म आज विश्व भारत के विचारों को अंगिकार करने में भी लगा हुआ है। तभी तो दिवाली आज समूचे विश्व का फैसटिवल बनती जा रही है। यही नहीं कोरोना काल में आपने देखा कि कैसे विश्वभर ने भारत के नमस्कार को अपनाया। आज नमस्कार समूचे विश्व में स्वागत करने की प्रथा बन गई है, जो भारत की बढ़ती ताकत और सबको एक साथ लेकर चलने की सोच को दिखाती है।

विश्व में आज एक बार इन सभी कारणो से भारत का खोया सम्मान फिर से मिलता हुआ दिख रहा है और उसके पीछे पीएम मोदी का योगदान सबसे ज्यादा है और वो इसलिये क्योंकि  मोदी ने भारत को विदेश तक पहुंचाया है और समझाया भी है।