प्रधानमंत्री ने बढ़ाई ‘मान महल’ की शान, काशी की जनता सपरिवार महल देखने पहुँची

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The Prime Minister increased the glory of 'Maan Mahal'

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हर बात और हर सोच उन्ही के व्यक्तित्व की तरह बिलकुल अनूठी और निराली है| बीते शनिवार भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान के चलते प्रधानमंत्री मोदी काशी के दौरे पर थे| इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी जी वाराणसी के ऐतिहासिक “मान महल” में बने बेधशाला देखने गए|

ऐसा पहली बार हुआ था कि इस ऐतिहासिक वेधशाला को देखने कोई प्रधानमंत्री पहुंचा हो| इससे पहले किसी राजा, प्रधानमंत्री अथवा राष्ट्रपति ने इस अनोखे वेधशाला की तरफ रुख नहीं किया था|

मान महल का गौरवशाली इतिहास

उल्लेखनीय है कि सन 1600 ई. में राजा मान सिंह ने मान महल और घाट का निर्माण करवाया था| इसके बाद वर्ष 1734 में राजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने यहाँ वेधशाला का निर्माण कराया था| निर्माण के बाद यह पुरातत्व विभाग के अधीन हो गया| तब से मान महल में गिने चुने पर्यटक ही जाते थे, और काशी के पर्यटन मानचित्र पर इसे वो गौरव नहीं मिल पाया जिसका ये मान महल हकदार था|

सूत्रों के मुताबिक वेधशाला के निर्माण के लगभग 285 साल बाद देश के प्रधानमंत्री इसके निरिक्षण के लिए काशी पहुंचे| वेधशाला में प्रधानमंत्री के आने से पुरातत्व विभाग के कर्मचारी और राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय के कर्मचारियों के मन में खुशियाँ उमड़ रही थी| वेधशाला में PM मोदी ने हर एक चीज़ का बारीकी से निरीक्षण किया| भारतीय पुरातत्व संग्रहालय के अधीक्षण पुरातत्व विद नीरज सिन्हा ने अपनी ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा- ‘वेधसाला के बनने के बाद पहली बार कोई प्रधानमंत्री यहां आया है, जो बहुत ही अच्छा है|’

मान महल में महज उनकी उपस्थिति ने मान महल और वेधशाला की वास्तविकता को नयी पहचान दे दी| अब लोगों की जुबान पर मान महल और उसके वर्चुअल म्यूजियम का नाम सुनने को मिल रहा है| काशी नगरी के पर्यटन मानचित्र पर मान महल अब पहले की तरह अनजान नहीं रह गया| प्रधानमंत्री के कदम पड़ने से इस महल की शान में चार चाँद लग गए और अब यहाँ स्थानीय पर्यटकों का तांता लगा हुआ है|

मोदी जी के यहाँ आने के बाद से ही काशी की जनता सपरिवार शाम को महल को देखने पहुंची थी| पर प्रधानमंत्री के आगमन के चलते सुरक्षा कारणों से महल में किसी भी बाहरी पर्यटक के प्रवेश पर पाबन्दी थी जिसकी वजह लोगो को उस दिन निराश होकर वापस लौटना पड़ा|

लेकिन आशा है कि जिस प्रकार केदारनाथ की अनजान गुफा में ध्यान करके मोदी जी ने उस गुफा को विश्वप्रसिद्ध कर दिया और जिसकी एडवांस बुकिंग के लिए लोग हर यत्न कर रहे हैं| उसी प्रकार काशी के इस मान महल को अब पर्यटकों का मान बखूबी मिलेगा|

 


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