तेल की कीमत अब नहीं रुलायेगी, मोदी सरकार ने बनाई इसके लिये खास योजना

देश में तेल की आसमान छूती कीमतों से मचे हाहाकार के बीच सरकार भविष्य में तेल की खपत में कमी के लिए एक योजना पर काम कर रही है जिसकी देखरेख सीधे पीएमओ द्वारा किया जा रहा है। पीएमओ ने इसके लिये एक एक समिति का गठन किया है जो तय करेगी फ्यूल के तौर पर हाइड्रोजन के इस्तेमाल में तेजी कैसे प्रयोग में लाया जाये

 

पेट्रोल का तोड़ निकालने में लगी सरकार

देश में पेट्रोल के बढ़ते दाम से जनता को निजाद दिलाने के लिए सरकार अब इस तरफ भी देश को आत्मनिर्भर बनाने में जुट चुकी है खुद पीएम मोदी ने इसके लिये कमर कसते हुए एक कमेटी का गठन किया है जिसमे साइंटिस्ट्स, इंडस्ट्री के लोग और विभिन्न मंत्रालयों के नीतिनिर्माता शामिल होंगे। हाइड्रोजन को फ्यूल के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए रोडमैप बनाने के वास्ते कुमार पहले ही दो बार विशेषज्ञों और संबंधित मंत्रालयों के साथ चर्चा कर चुके हैं। आंतरिक अनुमानों के मुताबिक मौजूदा टेक्नोलॉजी से सोलर एनर्जी से एक किलो हाइड्रोजन बनाने की लागत 70 रुपये होगी जबकि तेल की मौजूदा कीमत करीब 90रुपये प्रति लीटर से अधिक है। इतना ही नही हाइड्रोजन का उत्पादन भारत खुद ही कर सकता है जबकि तेल के मामले में भारत आयात पर निर्भर है। जानकारो की माने तो जल्द कमेटी  हाइड्रोजन के लिए एक पॉलिसी रोडमैप देगी जिसके बाद इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा। पॉलिसी रोडमैप को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इस योजना के लिए वित्तीय आवंटन किया जाएगा।

बजट में घोषणा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि ग्रीन पावर स्रोतों से हाइड्रोजन बनाने के लिए 2021-22 में एक हाइड्रोजन एनर्जी मिशन लॉन्च करने की योजना है। यह समिति देश में हाइड्रोजन उत्पादन के सभी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद एक क्लीयर रोडमैप का सुझाव देगी।नीतिनिर्माताओं का मानना है कि हाइड्रोजन स्वच्छ ईंधन है और यह पेट्रोल या डीजल से तीन गुना ज्यादा एनर्जेटिक है। इसके साथ साथ हाइड्रोजन के उत्पादन की लागत कम करने के लिए तकनीक विकसित की जा रही है। हाइड्रोजन का स्टोरेज अब भी चुनौती बना हुआ है लेकिन हाइड्रोजन फ्यूल का उत्पादन पूरी तरह भारत में होगा। देश में इसके लिए पर्याप्त सोलर प्रोडक्शन कैपेसिटी और इलेक्ट्रोलाइजर्स हैं।

समय समय पर पेट्रोल का विकल्प खोजने में जोर सरकारे देती आई है लेकिन मोदी सरकार इसके लिये एक कदम आगे चलकर आज जल्द ही हाइड्रोजन के तौर पर पेट्रोल का विकल्प देने की तैयारी कर रहा है और ये तो सब जानते है कि अगर मोदी जी कुछ नया करने का मन बना लेते है तो पिर करके रहते है।