योग दिवस पर ओम शब्द को लेकर सियासी जिन्न फिर बाहर आया

दुनियाभर में आज सातवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। समूचे विश्व में भारतीय संस्कृति की धूम साफ तौर पर आज देखी जा रही है। ऐसे में जहां देश का हर नागरिक फूला नहीं समा रहे है। तो कुछ देश के लोग ही है जो इस योगा दिवस पर फिजूल की सियासत करके देश की छवि खराब करने में लगे है। और योग जो तन मन दोनो को ऊर्जा से भरता है उसमें धार्मिक रंग देने में लग गये है। क्या है पूरा माजरा चलिये आपको बताते है। इसके साथ आपको ये भी बतायेंगे कि योग में  ॐ के उच्चारण क्या क्या फायदे होते है

ॐ शब्द का मतलब

योग में ॐ के उच्चारण को लेकर फिर विवाद

वैसे दुनिया के सभी देशो ने योग को हाथो हाथ लिया है और जब हम ये बोल रहे है तो ऐसा नहीं कि इस्लामिक देश इससे अलग योग की खूबियों के चलते उन्होने भी इसे अपनाया है और सिर्फ योगा दिवस पर नही बल्कि आम दिनो में भी योग शिविर वहां पर चलते रहते है। लेकिन इसके बावजूद भी देश में एक सियासी वर्ग ऐसा है जो सिर्फ वोट के चलते देश में रह रहे अल्पसंख्यको के मन में योग को लेकर गलतफहमी पैदा करना चाहते है तभी तो ऐसे लोग योग दिवस के मौके पर ऐसे बयान देते है जिसके बाद विवाद खड़ा हो जाता है। उनका कहना है कि ‘ॐ के उच्चारण से न तो योग ज्यादा शक्तिशाली हो जाएगा और न अल्लाह कहने से योग की शक्ति कम होगी’। अब बताइये ऐसा विवादित बयान देकर आखिर वो क्या साबित करना चाहते है। ऐसे में उन्हे सोचना चाहिये कि देश अब बदल गया है और वो उनके पुरानी सियासी चालो में फंसने वाला नहीं ।

ॐ सिर्फ ध्वनि नहीं बल्कि सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड है

ओम सिर्फ एक ध्वनि नहीं बल्कि बल्कि अनन्त शक्ति का प्रतीक है। ओम शब्द तीन अक्षरों से मिलकर बना है..अ उ म. अ का मतलब होता है उत्पन्न होना, उ का मतलब होता है उठना यानी विकास और म का मतलब होता है मौन हो जाना यानी कि ब्रह्मलीन हो जाना। ओम शब्द इस दुनिया में किसी ना किसी रूप में सभी मुख्य संस्कृतियों  का प्रमुख भाग है। ओम के  उच्चारण  से ही शरीर के अलग अलग भागों मे कंपन शुरू हो जाती  है जैसे की ‘अ’:- शरीर के निचले हिस्से में यानी पेट के करीब कंपन करता  है। ‘उ’– शरीर के मध्य भाग में कंपन होती  है जो की छाती के करीब। ‘म’ से  शरीर के ऊपरी भाग में यानी  मस्तिक कंपन होती  है। ओम शब्द  के उच्चारण से  कई कई शारीरिक, मानसिक, और आत्मिक लाभ मिलते हैं। ओम का उच्चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो कि थायरायड ग्रन्थि पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। ओम के उच्चारण से हार्ट की समस्याएं और पाचन तंत्र दोनों ही ठीक रहता है। नींद ना आने की समस्या यानि Insomnia इससे कुछ समय में ही दूर हो जाती है। वैसे भी अगर देखे तो ओम शब्द निरंकार का ही स्वरूप है और निरंकार की पूजा समूचे विश्व अलग अलग समुदाय अलग अलग नाम और तरीको से करते है। ऐसे में ओम शब्द पर महज सियासत के चलते बयान देना कही न कही ओछी सियासत है।

वैसे भी योग दिवस का जब से ऐलान हुआ है तब से देश के भीतर कुछ लोग इस पर सवाल खड़े करते आये है ऐसे लोगो से आज एक सवाल भारत पूछता है कि क्या वो भारतीय संस्कृति को अपना नहीं मानते है। तभी इस तरह के बयानबाजी करके विश्व में भारत की छवि खराब करते है।