कैसर के मरीजों की जेब अब होगी कम हल्की, GST Council से टैक्स कम करके दी राहत

मोदी सरकार हर वक्त यही प्रयास करने में जुटी होती है कि देश की आम जनता को कैसे फायदा पहुंचाया जाये इसके लिये वो लगातार फैसले पर फैसला लेती रहती है। इसी क्रम में अब सरकार ने कैंसर सहित कई दवाओं पर जीएसटी घटाने का फैसला किया है जिससे देशवासियों की जेब बीमारी को लेकर कम ढ़ीली करनी पड़े।

16 करोड़ की दवा जीएसटी से मुक्त

कोरोना महामारी  की दवाओं पर जीएसटी छूट 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ाने के साथ Amphotericin B और Tocilizumab पर 31 दिसंबर तक कोई जीएसटी नहीं लगेगा। इसके साथ काउंसिल ने मस्कुलर एट्रॉफी के इलाज में काम आने वाली दवाओं Zolgensma और Viltepso को भी जीएसटी में छूट देने का फैसला किया है। ये बहुत खास दवाएं हैं जिनकी कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है। यह छूट पर्सनल यूज के लिए आयात की जाने वाली दवाओं पर मिलेगी। अब तक इन पर 12 फीसदी जीएसटी लगता था। कैंसर संबंधी Keytruda पर जीएसटी की दर 12% से घटाकर 5% की गई है।

बायोडीजल पर घटा जीएसटी

वही दूसरी तरफ लीज पर लेने के लिए विमानों के आयात पर आईजीएसटी नहीं लगेगा। काउंसिल ने साथ ही रेलवे पार्ट और लोकोमोटिव्स पर जीएसटी की दर 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी करने का फैसला किया है। बायोडीजल पर जीएसटी की दर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है। जीएसटी काउंसिल ने गुड्स कैरीज के लिए राज्यों द्वारा ली जाने वाली नैशनल परमिट फीस में छूट देने का फैसला किया है। पोषक तत्वों से युक्त चावल केरनेल पर जीएसटी 18 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत कर दिया। काउंसिल ने सभी प्रकार के पेन पर 18 प्रतिशत की एकल दर से जीएसटी जबकि विशिष्ट नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों पर 12 प्रतिशत माल एवं सेवा कर लगाने का निर्णय किया गया है। सीतारमण ने कहा कि परिषद ने जूता-चप्पल और कपड़ों पर 1 जनवरी, 2022 से उल्टा शुल्क ढांचे यानी कच्चे माल पर कम और तैयार माल पर अधिक शुल्क को ठीक करने को लेकर सहमति जताई है।

सरकार के इस कदम से जहां कैसर और बच्चो के इलाज में प्रयोग होने वाली दवाओं के दाम कम होगे तो दूसरी तरफ सरकार ने हर वो वस्तु जिसका सीधा प्रयोग आम लोगों से है उसमे ज्यादा बदलाव नहीं किये है उल्टा सरकार के कदम से खाना पकाने वाला तेल और दूसरी कई खाने पीने वाली वस्तु सस्ती होने के कयास है जो इस कोरोना टाइम में आम लोगों के लिये एक बेहतर खबर होगी।