विपक्ष ने संसद में लोकतंत्र की मर्यादा को किया तार तार संचारमंत्री से कागज छीनकर फाड़ा

मानसून सत्र में जिस तरह से विपक्ष सियासत कर रहा है, उससे हर दिन भारतीय लोकतंत्र की मर्यादा धूमिल होती जा रही है। सत्र के पहले ही दिन लोकसभा और राज्यसभा में पीएम मोदी के बोलने से पहले हंगामा करके परंपरा को तार तार किया तो अब टीएमसी के सांसदों ने हद ही पार कर दी। जब उन्होंने संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव के हाथ से पेगासस का स्टेटमेंट लेकर टीएमसी सांसद ने फाड़कर फेक दिया।

राज्यसभा में टीएमसी सांसद की अराजकता

विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र अगर है तो वो हमारा है। इस पर हर भारतीय गर्व भी करता है। भारत में लोकतंत्र की जड़ युगों पुरानी भी है जिसके चलते आज भी हम तेजी से विकास कर रहे हैं। लेकिन जिस तरह का रूप विपक्ष आजकल संसद में दिखा रहा है। उससे लोकतंत्र की मूल भावना पर लगातार चोट पहुंच रही है। राज्‍यसभा में सूचना तकनीकी मंत्री अश्विनी वैष्णव जब पेगासस पर स्टेटमेंट देने के लिए खड़े हुए तो टीएमसी के सांसद शांतनु सेन ने उनके हाथ से पेपर छीनकर फाड़ा और उपसभापति की तरफ उछाल दिया। जो ये बता रहा है कि सत्तापक्ष को लेकर विपक्ष किस तरह से खिसियया हुआ है। वैसे टीएमसी सांसद के इस आचरण को लेकर ज्यादा चौकना नही चाहिये क्योंकि खुद उनकी लीडर ममता बनर्जी भी इस तरह की हरकत लोकसभा में कर चुकी हैं बस फर्क ये है कि उन्होने मंत्री के हाथ से लेकर कागज नहीं फाड़ा था।

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पीएम मोदी के भाषण को भी विपक्ष ने रोका

इससे पहले मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनो में ही विपक्ष ने हंगामा मचाकर पीएम मोदी को अपनी नई कैबिनेट से अवगत भी करवाने नहीं दिया था। जो ये साफ बताती है कि विपक्ष आज कहां तक गिर चुकी है। मुद्दाहीन विपक्ष सिर्फ बेमतलब का हंगामा खड़ा करके सिर्फ देश के विकास के लिये लाये जाने वाले बिल को रोकना चाहती है जिससे देश तेजी के साथ आगे ना बढ़ सके। ऐसा पहले भी देखा गया है जब संसद के बाहर विपक्ष द्वारा सेंट्रल विस्टा योजना पर रोक लगाने की नाकाम कोशिश की गई थी और किसान बिल पर गलत बयानबाजी करके सरकार के खिलाफ पक्ष बनाया जा रहा है। लेकिन मोदी सरकार है जो विपक्ष के हर योजना पर पानी फेर दे रही है और इसी की रोष संसद में देखने को मिल रही है।

फिलहाल जिस तरह कि परंपरा विपक्ष बजट सत्र और अब मानसून सत्र में दिखा रही है उससे साफ पता चलता है कि वो सिर्फ आरोप लगाकर भागना चाहती है क्योंकि वो अच्छी तरह से जानती है कि उनके आरोप झूठे हैं और सरकार के पास उनके हर आरोप का सच से भरा जवाब है।

 

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