अयोध्या में खरीदी गई जमीन पर फैलाये गये भ्रम से बाहर निकालने वाली खबर

अपने देश की एक बहुत पुरानी कहावत है कि अफवाह और झूठ के सिर पैर नहीं होते लेकिन इसके बाद भी वो तेजी के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंच जाती है। कुछ इसी तरह का हाल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा अयोध्या में खरीदी एक जमीन के साथ भी हो रहा है। जिसमें कुछ लोग अरोप लगा रहे हैं कि जमीन खरीद में घोटाला हुआ है लेकिन सच्चाई क्या है चलिये हम बताते हैं।

जमीन खरीद की सच्ची कहानी

वैसे तो आरोप लगाया जा रहा है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या में जो जमीन खरीदी है वो 2 करोड़ में बिकी थी जिसे 10 मिनट बाद 18 करोड़ में खरीदा गया है। लेकिन झूठ बोलने वाले ये बोलकर तो मीडिया में खूब हल्ला मचाने लगे। लेकिन हक़ीक़त क्या है अब हम आपको बताते हैं। वैसे अगर देखा जाये तो ये कहानी 10 मिनट की नही बल्कि 10 साल पहले की है, दस्तावेज को देखा जाये तो इस जमीन को लेकर साल 2011 में एक अग्रीमेंट टू सेल पाठक परिवार और अंसारी परिवार के बीच हुआ था। जिसमें जमीन को 2 करोड़ में बेचने की बात है लेकिन किसी कारणवश ये पूरा नही हो पाता। जिसके बाद 04.03.2014 को एक बार फिर ये डील इन लोगो के बीच हुई लेकिन फिर ये पूरी ना हो पाने के चलते साल 2019 में तीसरी बार ये डील 2 करोड़ रूपये में होती है। अब आपके मन में एक सवाल खड़ा हो रहा होगा कि ये जमीन आखिर क्यों नहीं बिक रही थी तो यहां ये भी बताना चाहूंगा कि इस जमीन को लेकर सूफी वक्फ बोर्ड की तरफ से मुकदमा चल रहा था कि ये जमीन उसकी है लेकिन 2020 में ये बात साबित हो गई की ये जमीन सूफी वक्फ बोर्ड की नहीं है। इसी बीच कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अयोध्या में राम मंदिर बनाया जायेगा। जिसके बाद यहां कि जमीन के दाम रातो रात बढ़ गये वही सरकार ने भी साफ किया था कि वो भी अयोध्या में 4 गुना ज्यादा दाम पर जमीन खरीदेगी। अब जब इस जमीन को खरीदने की बात आई तो पाठक परिवार के पास सिर्फ एग्रीमेंट टू सेल था और अंसारी परिवार के पास भी यही कागज था ऐसे में तय किया गया कि पहले पुराने दाम पर पाठक परिवार अंसारी परिवार को ये जमीन बेचेगी जिसके बाद  श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस जमीन को आज के दाम पर खरीदेगी और उसके बाद कागजी कार्यवाही हुई। हालाकि अगर देखा जाये तो ये जमीन अयोध्या के टीजर रेट से कम में खरीदी गई है।

 झूठ बोल कर बस जनता में भ्रम फैलाओ

पिछले कुछ महीनों से ये देखा जा रहा है कि बस झूठ फैलाकर किसी न किसी तरह से सरकार को बदनाम करो। ये साबित करता है कि मोदी सरकार से निपटने के लिये आज मुद्दो का अभाव है। बीते सात सालों में जिस तरह से सरकार ने काम किया वो इस बात का प्रमाण है कि आज देश में सरकार के खिलाफ महौल बनाने के लिये सिर्फ झूठ का सहारा लिया जा रहा है और ये दौर राफेल विमान से चला है और अब राममंदिर तक पहुंच गया है। इस बीच में सेंट्रल विस्टा किसान बिल के साथ साथ धारा 370 और एनआरसी पर भी बहुत झूठ फैलाया गया लेकिन हर बार सच सामने निकल कर आ ही जाता है।

वैसे भी भगवान बुध्द ने कहा था कि सूरज चांद और सच को ज्यादा देर तक नहीं दबाया जा सकता है और उनकी बात में कितनी सच्चाई है वो दिख भी रही है लेकिन इसके बावजूद भी कहीं देशविरोधियों द्वारा भ्रम के हम शिकार ना हो जाये इसके लिये हमेशा सच को जरूर जाने और सच से हम आपको रूबरू करवाते रहेंगे।