कोरोना काल में पुरानी प्रथा को तोड़ शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र

कोरोना काल में न केवल आवागमन, रहन-सहन और काम करने में बदलाव देखा जा रहा है बल्कि सांसद की कार्यवाही में भी बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। कोरोना काल में पहली बार बुलाई गई संसद का मानसून सत्र पहले के सत्रों से बिलकुल अलग दिखा। कई पुरानी प्रथा को खत्म करके नये नियम से सत्र की शुरूआत हुई। इस बीच पीएम मोदी ने सभी सांसदों को इस बात पर बधाई दी और बोला  कोरोना काल में भी सांसदों ने देश की जनता का काम न रूके इसके लिए सत्र शुरू होने में सबने रुचि दिखाई।

 

सामाजिक दूरी का ध्यान, बैठकर बोलने की अनुमति

मानसून सत्र में सबसे बड़ा बदलाव ये देखा गया है कि इसबार सांसदों के बैठने के लिए सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके लिए लोकसभा और राज्यसभा को एक साथ न चलाकर दो चरणो में चलाया जा रहा है जिससे सांसद कुछ लोकसभा में तो कुछ राज्यसभा में तो कुछ सदन में बनी गैलरियों में बैठकर काम कर सके। इतना ही नही सांसदों को अपनी सीट पर बैठकर बोलने की अनुमति इसबार दी गई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा, ‘इस मानसून सत्र में सभी सासंद पहले अपनी सीटों पर बिना खड़े हुए बोलेंगे। ऐसा कोविड -19 महामारी को देखते हुए किया जा रहा है। इससे पहले सभी सांसद संसद में बोलने से पहले खड़े होते थे। यह आसन के प्रति सम्मान दर्शाने का प्रतीक है। विशेष मानसून सत्र का स्वागत करते हुए, बिड़ला ने सत्र के पहले दिन सांसदों की अधिकतम उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित किए गए हैं और अधिकतम डिजिटलाइजेशन किया गया है। उन्होंने सांसदों से अपनी बात संक्षिप्त रूप से रखने का आग्रह करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही हर दिन केवल चार घंटे के लिए होगी। ऐसे में वक्त की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक काम पर बल दिया जाये।

सेना के साथ देश खड़ा: मोदी

मानसून सत्र के पहले दिन पीएम मोदी ने एक बार फिर से साफ कर दिया है कि चीन की दादागिरी खत्म करने में भारत की फौज के साथ सारा देश खड़ा है। सत्र की शुरूआत से पहले पीएम मोदी ने मीडिया के सामने आकर चीन को सख्त संदेश देते हुए बोला, कि भारत की फौज जो आज चीन सीमा पर पूरे जोश के साथ दुश्मन के छक्के छुड़ा रही है उसके साथ देश का हर नागरिक और सांसद का हर सदस्य साथ खड़ा है, ऐसा उन्हे यकीन है। किसी को भी देश के इन रणबाकुरों के जौहर पर शक नही है। वो चीन को जवाब देने में सक्षम है और सरकार उनके साथ खड़ी है। इसके साथ साथ पीएम ने सभी को कोरोना वैक्सीन की दवा जबतक नही आती है तबतक विशेष ध्यान रखने की अपील भी की।

बिना अवकाश के 1 अक्टूबर तक चलने वाला ये सत्र कई मायनो में खास भी है क्योकि सरकार इस सत्र में 11 विधेयक लायेगी जिससे देश का विकास तेजी के साथ हो सके। वैसे पहले दिन जिस तरह से संसद का माहौल देखा गया उससे ये बोला जा सकता है कि कोरोना को लेकर सत्र में सही कदम उठाये गये है।