विपक्ष का हंगामे की हठधर्मिता से हो रहा देश का नुकसान

मानसून सत्र के 9 दिन बीत चुके हैं लेकिन एक भी दिन विपक्ष के हंगामे के कारण सुचारू रूप से काम नहीं हो पाया है। हालांकि लोकसभा के स्पीकर हो या राज्य सभा के उपसभापाति दोनो ही सदन को ठीक तरीके से कामकाज करने की नसीहत दी। जबकि सरकार ने गतिरोध खत्म करने के लिए अब राजनाथ सिंह को आगे किया है लेकिन इन सबके बीच 2 अगस्त तक संसद स्थगित कर दी गई है।

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9 दिन से संसद में कामकाज ठप

9 दिन से सिर्फ संसद में हंगामा ही हंगामा बरपा है वो भी बिना किसी मतलब के विपक्ष के इस रूख से तो यही महसूस हो रहा है जैसे कि वो मन बनाकर आई है कि इस बार एक दिन भी काम नही होने देंगे। जबकि सरकार 30 विधेयक लाकर देश में तेज विकास की बात कर रही है। मजे की बात ये है कि सरकार हर बात पर चर्चा करने के लिये तैयार है लेकिन इसके बाद भी विपक्ष सदन में हंगामा मचाकर निकल लेती है। हालांकि अब इस गतिरोध को दूर करने के लिये सरकार की तरफ से राजनाथ सिंह को आगे किया गया है वैसे इससे पहले भी एक बार राजनाथ सिंह के चलते ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध दूर करके संदन को चलवा चुके हैं।

विपक्ष की बेतुकी मांग

संसद सत्र के पहले दिन से ही पेगासस जासूसी मामला, किसान आंदोलन को लेकर विपक्ष हंगामा करने में लगी है। हालांकि विपक्ष के पास कोई ऐसा सबूत नही है जिससे ये साबित हो सके कि भारत सरकार जासूसी करवा रही थी लेकिन इसके बाद भी विपक्ष जांच की मांग में लगा हुआ है इसी तरह किसान बिल पर भी पहले सदन से हामी भरने के बाद अब बिल को खत्म किया जाये की हठ में लगा हुआ है लेकिन दूसरी तरफ सरकार हंगामे के बीच मिले थोड़े से समय में भी राष्ट्रहित के लिये काम करने में लगी है जिसके चलते सरकार 5 बिल पास कर चुकी है। तो कोरोना को लेकर राज्यसभा में चर्चा भी करवा चुकी है जिसमें कोरोना को लेकर उठाये गये कदम को बता चुकी है।

लेकिन देश हित के लिए अब विपक्ष को सोचना चाहिये और सदन को आने वाले दिनो में सुचारू रूप से चलाना चाहिये जिससे राष्ट्र तेजी से आगे बढ़ सके। हां ये जरूर है कि इस दौरान तीखे सवाल सरकार से पूछे क्योंकि पीएम मोदी साफ कर चुके हैं कि हर तीखे सवाल का जवाब उनकी सरकार देने के लिए तैयार है।