आर्थिक सेक्टर से लॉकडाउन हुआ खत्म तेजी से दौड़ने लगा भारतीय अर्थ का पहिया

2 साल पहले देश में पहली बार देशव्यापी लॉकडाउन लगा था, तब हमारी GDP गर्त में पहुंच गई थी। सेंसेक्स साल के न्यूनतम स्तर पर चला गया था। बेरोजगारी व महंगाई दर चरम पर थी। मगर राहत की बात ये है कि हमने दो साल में ही उम्मीद से बेहतर रिकवरी हासिल कर ली। GDP अपने सबसे निचले स्तर से 30% तक सुधर चुकी है। बेरोजगारी दर भी 15% तक घट गई। सेंसेक्स सर्वोच्च स्तर को छूने के बाद अब लॉकडाउन के समय से करीब 31 हजार अंकों की बढ़त ले चुका है।तो सरकारी खरीद पोर्टल ‘गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस’ यानी GeM एक साल में एक लाख करोड़ की ऑर्डर वैल्यू  हासिल की है। इतना ही नहीं डिजटल पेमेंट के मामले में भी एक साल के भीतर दोगुने का इजाफा हुआ है।

कोरोना से उबर रहा भारत का आर्थिक तंत्र

लॉकडाउन हटने के बाद दुनिया में सबसे तेजी से अगर कोई देश आर्थिक तौर पर आगे बढ़ रहा है तो वो है भारत एक तरफ तो भारत ने अपनी जनता को कोरोना से काफी हदतक नुकसान से बचाया तो दूसरी तरफ आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए तेजी से योजना बनाई। आत्मनिर्भर भारत की  शुरूआत करते हुए भारत को मजबूत बनाने की योजना अब रंग लाते हुए दिखाई दे रही है। तभी तो आज भारत की जीडीपी 30 फीसदी सुधार के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। जो अप्रैल जून 2020 में -24 फीसदी हो गई थी वो दिसंबर 2021 में 5.4 फीसदी पर पहुंच गई है। तो बेरोजगारी दर 23.52 फीसदी से घटकर 8.1पर आ गई है। इसी तरह कोरोना हो या यूक्रेन रूस जंग के बीच भी भारतीय शेयर बाजार में खूब रौनक देखी जा रही है और सेंसेक्स इस वक्त 60 हजार के ऊपर पहुच चुका है।

GeM ने एक लाख करोड़ की ऑर्डर वैल्यी हासिल की

पीएम मोदी को यूं ही नहीं दूर की सोच रखने वाले नेता के तौर पर जाना जाता है। सरकार में आने के बाद उन्होने सरकारी दफ्तर में सामान मंगवाने के लिए गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस’ यानी GeM पोर्टल की शुरूआत की थी जिसमे आज एक साल के भीतर करीब एक लाख करोड़ की ऑर्डर वैल्यू  हासिल की है। जो एक बहुत बड़ा काम है। जीईएम को केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों एवं विभागों की तरफ से की जाने वाली वस्तुओं एवं सेवाओं की ऑनलाइन खरीद के लिए अगस्त, 2016 में शुरू किया गया था। मोदी ने एक ट्वीट में इस खरीद पोर्टल की उपलब्धि का जिक्र करते हुए कहा, यह जानकार खुशी हुई कि जीईएम इंडिया ने एक साल में ही एक लाख करोड़ रुपये मूल्य का ऑर्डर हासिल किया। यह पिछले वर्षों की तुलना में बहुत बड़ी वृद्धि है। इसी तरह देश में डिजिटल पेमेंट में काफी तेजी से उछाल आया है अब अधिकतर लोग पैसों का लेनदेन UPI के जरिए ही करते हैं। नोटबंदी और कोरोना के बाद से ये चलन कम से कम हो गया है। देश में डिजिटल पेमेंट  में जबरदस्त ग्रोथ रिकॉर्ड हुआ है।

जो ये साफतौर पर बताता है कि तेजी के साथ भारत आर्थिक तौर पर मजबूत हो रहा है। वो भी हर सेक्टर में और मजबूत होने की सबसे खास वजह रही है सरकार की दूर की सोच जिससे ये मुकाम हासिल हो रहा है।