मोदी सरकार द्वारा लागू Motor Vehicles कानून ने एक महीने में बचाई हजारों लोगों की जिंदगी

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The law implemented by Modi government saved thousands of lives in a monthनरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा New Motor Vehicles Act कानून संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद लागू कर दिया गया था अपने शुरूआती दिनों में इस नए कानून ने बहुत सुर्खियाँ भी बटोरी।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मकसद इस कानून के द्वारा लोगों के बीच ट्रैफिक नियमों को लेकर गंभीरता से पालन कराना था, जिससे की Road Accident में कमी आएगी। इस कानून के लागू होने के बाद से ट्रैफिक पुलिस (Traffic Police) की तरफ से Traffic Rules को तोड़ने पर लोगों का 10 गुना तक ज्यादा ट्रैफिक चालान काटा गया है। नए कानून के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए दंड में बढ़ोतरी के लिए गडकरी को इस साल मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन करने के लिए आलोचना का सामना भी करना पड़ा था।

हालांकि, कई राज्य ऐसे भी रहे, जहां यह कानून लागू नहीं हुआ। वहीं, कुछ राज्यों में Traffic Challan की राशि को कम किया गया। अब इस कानून को लेकर नितिन गडकरी ने एक नया आंकड़ा पेश किया है।

नए मोटर व्हीकल एक्ट आने के बाद देश के कई राज्यों में सड़क हादसों में भारी कमी आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए दावा किया है कि नए मोटर व्हीकल लागू किए जाने के बाद से सितंबर-अक्टूबर में सड़क हादसो में जबरदस्त कमी आई है। देश में सड़क हादसे रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस और सरकार दशकों से प्रयास कर रही थी, जिसमें अब सफलता मिलती दिख रही है।

1 सितंबर को संशोधित मोटर वाहन अधिनियम के लागू होने के बाद भारत में सड़क दुर्घटनाओं में मौतें पहले दो महीनों में कम से कम 9 प्रतिशत तक कम हो गई हैं। पिछले साल इसी अवधि में 3,729 मौतें सड़क दुर्घटनातक के कारण हुई थी, जबकि इस साल इसमें कमी आई है। इस साल इस समय अवधि में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 3,375 है।

मोटर व्हीकल्स (अमेंडमेंट) एक्ट, 2019 को लेकर नितिन गडकरी ने लोकसभा में बताया है कि 2018 में सितंबर-अक्टूबर में सड़क हादसे उत्तर प्रदेश में 1503 हुए थे, लेकिन नए नियम के बाद घट गया है। 2019 के सितंबर-अक्टूबर में 1355 सड़क हादसे हुए हैं। यानी की उत्तर प्रदेश में इस दौरान सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में 9.8 फीसद की कमी आई है। ऐसे ही 2018 में बिहार में 459 हादसे हुए हैं, जो 2019 में घटकर 411 पर आ गई है। यानी यहां भी इस दौरान Road Accident में होने वाली मौतों में 10.5 फीसद की कमी आई है। वहीँ हरियाणा में 2018 में 497 हादसे हुए थे, जबकि, इस साल 438 हुए हैं. इस तरह से 11.8 फीसदी की कमी आई है।

लोकसभा में पेश किए गए दस्तावेज से पता चला है कि चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित मौतों में पिछले साल की तुलना में 75 प्रतिशत की कमी आई है।

पुदुचेरी में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में 31 फीसदी गिरावट थी; उत्तराखंड में 22 फीसदी और गुजरात में सड़क दुर्घटनाओं में 14 फीसदी की गिरावट आई है।

यह आंकड़ा नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित है।

गुरुवार को लोकसभा में CPI के सांसद M. Selvaraj के एक सवाल के जवाब में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यह कहा था कि नए मोटर व्हीकल एक्ट में अब कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा।

 


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