अमेरिका में भारतियों का बढ़ता दबदबा, ठेठ भारतीय अंदाज में हो रहा अमेरिका में प्रचार

अमेरिका में चुनाव का प्रचार पूरे जोर शोर से किया जा रहा है लेकिन इसबार यहां का प्रचार का तरीका वैसा ही है जैसा भारत में देखने को मिलता है मसल अमेरिका में भी इस बार भारत में चुनाव के वक्त प्रयोग किये जाने वाले नारे की खूब धूम देखी जा रही है।

भारतीय नारों से गूंज रहा अमेरिका

अमेरिका में अगर ‘ट्रंप हटाओ, अमेरिका बचाओ’ बिडेन-हैरिस को जिताओ, अमेरिका को आगे बढ़ाओ, जैसे नारे सुनाई दें तो आश्चर्यचकित होना स्वाभाविक है लेकिन इस बार ऐसा हो रहा है ठेठ भारतीय नारे अमेरिका के शहरो में गूंजते सुनाई दे रहे है और ये सब इस लिये हुआ है क्योकि इस बार भारतीय वोटर अमेरिका में कौन जीते इसमे अहम रोल अदा करने वाले है। पेंसिलवेनिया, विस्कॉन्सिन, मिशिगन, मिनिसोटा, सहित तीन दक्षिणी प्रांत फ्लोरिडा, जॉर्जिया और नार्थ कैरोलिना और एरिजोना में भारतीयों के बड़े तदाद में वोट है और इनको रिझाने के लिये ही दोनो पार्टियां इस बार हिंदी नारों का खूब इस्तेमाल कर रहे है। गौरतलब है कि साल 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में मिशिगन, विस्कॉन्सिन और पेंसिलवेनिया में ट्रंप की जीत का अंतर बहुत कम रहा था। भारतीय मूल के अमेरिकी मतदाताओं का वोट पाने के लिए इस साल डेमोक्रेटिक समर्थक ए़़डी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।

अमेरिका की दोनो पार्टियों को मोदी के नाम का सहारा

एक वक्त था जब अमेरिका ने पीएम मोदी को वीजा देने से इंकार कर दिया था लेकिन आज वक्त ऐसा आ गया है कि अमेरिका की दोनो पार्टियां मोदी नाम के सहारे चुनावी नइया पार लगाना चाहते है। ट्रंप हो या उनके पुत्र दोनो ही चुनाव प्रचार में मोदी को अपना सबसे अच्छा दोस्त बता चुके है और बोल चुके है कि अगर वो सत्ता में आते है तो भारत से दोस्ती और अच्छी होगी। वही बिडन भी लगातार मोदी नाव के सहारे अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को लुभाने में जुटे है वो भी मोदी को विश्व का बेहतर नेता मानते है इसके साथ वो भारतीयों को लुभाने के लिये मोदी से अच्छे संबध बनाने की बात भी लगातार करते हुए प्रचार कर रहे है।

3 नवम्बर को होने वाले चुनाव में ऊंच किस तरफ करवट पलटेगा ये अभी से तय करना कठिन होगा लेकिन ये जरूर है कि अमेरिका में भारत की बढ़ती ताकत और भारत को दरकिनारे करने का वक्त खत्म हो चुका है और इस बार का चुनाव ये साफ संदेश देता हुआ दिख रहा है कि अमेरिका में अगर सत्ता में काबिज होना है तो भारत से संबध अच्छे रखने ही होगे और ये बात अमेरिका की दोनो बड़ी पार्टिया अच्छी तरह से समझ गई है तभी तो भारतीय अंदाज में अपना प्रचार कर रही है।