मोदी के अपील का असर, ‘गांधी जयंती’ पर खादी इंडिया ने एक दिन में बनाया बिक्री का रिकार्ड

Khadi-Bhawan

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के पश्चात ही देशवासियों से अधिक से अधिक खादी का प्रयोग करने का आह्वान किया था। उन्होंने देशवासियों से कम से कम एक रुमाल खरिदने की अपील की थी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वदेशी को बढ़ावा देने का जो नारा दिया था, उसी की परिकल्पना है देश के विभिन्न स्थानों पर चल रहे खादी ग्रामोद्योग के केंद। इसी कड़ी में 2 अक्तूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर खादी इंडिया के राजधानी स्थित कनॉट प्लेस के प्रमुख स्टोर ने दो अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन 1.27 करोड़ रुपये की रिकार्ड तोड़ बिक्री की है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खादी को देश की आजादी के आंदोलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया था। इससे पहले पिछले साल 13 अक्टूबर को इस स्टोर ने एक दिन में सबसे अधिक 1.25 करोड़ रुपये की बिक्री का आंकड़ा हासिल किया था। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने बयान में कहा कि खादी इंडिया के कनॉट प्लेस के प्रमुख स्टोर ने दो अक्टूबर को एक दिन में 1.27 करोड़ रुपये की बिक्री का रिकॉर्ड बनाया है। केवीआईसी द्वारा परंपरागत रूप से दो अक्टूबर से देशभर में खादी उत्पादों पर छूट दी जाती है। केवीआईसी ने कहा कि कनॉट प्लेस स्थित खादी के बिक्री केन्द्र में बुधवार को 16,870 खादी प्रेमी आए। इस दिन कुल 2,720 बिल जारी किए गए।

केवीआईसी के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने कहा, “खादी की बिक्री की शुरुआत इस बार सफलता के साथ बेहद उत्साहजनक है और मुझे उम्मीद है कि इस साल हम इस तरह के कई मील के पत्थर हासिल करेंगे।”

2018 में भी, इस खादी इंडिया फ्लैगशिप स्टोर ने चार अवसरों पर 1 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की थी।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के आने के बाद से खादी उद्योग के प्रगति में भारी इजाफा देखा गया है| गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 अक्टूबर 2014 को रेडियो पर प्रसारित होने वाले अपने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से खादी का उपयोग करने का आह्वान किया था। इसके साथ ही उन्होंने ‘खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन’ नामक नारा भी दिया था।

उल्लेखनीय है कि खादी पहले अमूमन सियासत से जुड़े लोग, खासकर नेता पहना करते थे लेकिन समय बदलने के साथ ट्रेंड भी बदला और आजकल आम उपभोक्ता भी प्राकृतिक उत्पादों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं, नतीजतन इस उद्योग में बड़ी पैमाने पर बदलाव देखने को मिला है। बीतें कुछ सालो से खादी उत्पादों की बिक्री में जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है।

मोदी सरकार द्वारा मिले बढ़ावे से 5 वर्षों में देश भर में खादी वस्त्रों और कपड़े की बिक्री में 145 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की अपील के कारण 2018-19 में खादी उत्पादों की बिक्री पिछले साल की तुलना में 28 प्रतिशत बढ़कर 3,215.13 करोड़ रुपये हो गई, जो वर्ष 2014-15 में खादी की बिक्री 1,310.90 करोड़ रुपये थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने खुद के स्तर पर भी खादी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हर मुमकिन कोशिश है| इसके साथ ही उनके पहनावे का अंदाज भी हमेशा ही चर्चा का विषय बना रहा है, फिर चाहे उनका कुर्ता हो या फिर जैकेट। नतीजतन युवाओं में ‘मोदी जैकेट और कुर्ता’ को लेकर ट्रेंड बनता जा रहा है। लिहाजा मोदी स्टाइल का खादी ‘कुर्ता-जैकेट’ युवाओं के फैशन का एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है।

बहरहाल, प्रधानमंत्री मोदी भी अधिकतर खादी से बने परिधानों का ही उपयोग करते है| यह खादी के प्रति उनके सोंच को ही दर्शाता है की सत्ता में आने के बाद से ही पीएम मोदी ने खादी के प्रति लोगों का लगाव बढ़ाने के लिए हर मंच से अपील की है। चाहे वो मन की बात हो या फिर लाल किले से भाषण, हर जगह से प्रधानमंत्री ने देशवासियों से खादी से बने वस्त्रों और दूसरे उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया है। इन्ही चीजो का असर है की खादी के खरीददारी में दिन-ब-दिन एक अभूतपूर्व बदलाव दर्ज किया जा रहा है|