बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में बोले प्रधानमंत्री मोदी, सरकार सभी मुद्दों पर विचार विमर्श के लिए तैयार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार संसद के बजट सत्र में सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। सर्वदलीय बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अधिकतर सदस्यों के उन सुझावों का स्वागत‍ किया जिनमें कहा गया था कि इस सत्र में देश की आर्थिक स्थिति पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने सदस्यों ने अनुरोध किया कि वे यह देखें कि देश कैसे वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य से लाभ उठा सकता है। उन्हों ने कहा कि नए साल की शुरूआत और इस बजट सत्र में यदि संसद और उसके सदस्यर देश की अर्थव्यवस्था को सही दिशा दे पाएं तो इससे देश का सबसे अधिक भला होगा।

मोदी ने सदस्यों से अनुरोध किया कि वे संसद में अधिक से अधिक काम सुनिश्चित करने में योगदान करें। उन्होंने कहा कि पिछले दो सत्रों में देश ने अधिक कार्यक्षमता देखी है और लोगों ने इसका जोरदार स्वागत भी किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में यह हम सबका दायित्व है कि सदन की कार्यक्षमता बढ़े और सभी मुद्दों पर खुले दिमाग से विचार हो।

बजट सत्र (Budget Session) से पहले गुरुवार को सर्वदलीय बैठक में संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी (Prahlad Joshi) द्वारा बुलाई गई । इस बैठक में संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने व बजट संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। बता दें क‍ि 1 फरवरी को 2020-21 बजट पेश किया जाएगा। बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होकर 11 फरवरी तक चलेगी। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के संबोधन के साथ होगी।

संसद की लाइब्रेरी (Parliament Library) में आयोजित बैठक में संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी (Parliamentary Affair Minister Prahlad Joshi), राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) , थावर चंद गहलोत (Thavar Chand Gehlot) , अर्जुन मेघवाल (Arjun Meghwal), वी मुरलीधरन, सपा के रामगोपाल यादव, बीजेडी के प्रसन्नo आचार्य, एनसीपी की सुप्रिया सुले, कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और गुलाम नबी आजाद, जेडीयू के मनोज झा, एलजेपी के रामविलास पासवान और चिराग पासवान, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन और बीएसपी के रितेश पाठक शामिल हुए।

बजट सत्र (Budget Session) से पहले कयास लगाए जा रहे है की वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में व्यक्तिगत इनकम टैक्स में मोदी सरकार कुछ राहत दे सकती है। संसद का सत्र शुक्रवार को शुरू हो रहा है और शनिवार को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर घिरी सरकार के लिए ये बजट आसान नहीं होने वाला है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या सीएए, एनआरसी पर जारी संग्राम पर है।

 


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