मोदी सरकार में नामुकिन को पूरा करना ही लक्ष्य

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बीते 6 साल से जब से सत्ता में मोदी सरकार आई है, तब से देश में विकास के पैमाने बदल गये है। समूचे देश से विकास की खबर का आना अब कोई नई बात नही है। क्योकि देश का उत्तर का हिस्सा हो या पूर्व का या फिर पश्चिम या दक्षिण का हर जगह से विकास के ऐसे आयाम छूए जा रहे है। जिसे 6 साल पहले नामुकिन समझा जाता था। ऐसे ही कुछ निर्माण कार्यों के बारे में आज हम आपको जानकारी देते है।

असम के गुवाहाटी में बना देश का पहला रिवर रोपवे

17 साल से जिस परियोजना को सिर्फ तैयार करने का खाका तैयार हो रहा था उसे मोदी सरकार के आते ही तेजी से पूरा किया गया जिसका असर ये हुआ कि आज असम के गुवाहाटी को  देश का सबसे लंबा रिवर रोपवे यानी तारों के जरिए नदी पार कराने वाला वाहन मिल गया है। यह ब्रह्मपुत्र नदी के दो किनारों को आपस में जोड़ेगा। लगभग 56 करोड़ की लागत से बना यह रोपवे 1.8 किलोमीटर की दूरी तय कराएगा। इससे उत्तरी गुवाहाटी और शहर के मध्य हिस्सों के बीच यात्रा का समय घटकर आठ मिनट रह जाएगा। इतना ही नही इस रोपवे से इस इलाके में आना जाना ही सरल नही होगा बल्कि पर्यटन के लिहाज से ये एक बड़ा कदम है इससे राज्य की आय में भी इजाफा होने के कयास लगाये जा रहे है। सबसे बड़ी बात ये है कि मोदी जी ने सत्ता संभालते ही ये साफ कर दिया था कि अब भारत का पूर्वी हिस्सा विकास के लिए नही तरसेगा जिसकी बानगी दिखने लगी है। ऐसे तमाम काम इस इलाके में किये गये है जिससे आज देश का पूर्वी हिस्सा चमक रहा है। फिर वो ब्रह्मपुत्र में ब्रिज बनाने की बात हो या फिर अरूणाचल प्रदेश के अंतिम गांव तक बिजली पहुंचाने की बात हो।

समुद्र में केबल बिछाने में आत्मनिर्भर बना भारत

अब बात दक्षिण भारत की करते है जहां भारत ने वो मुकाम हासिल किया है जिसे लोग सपना ही समझते थे। भारत समुद्र के भीतर आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के मामले में भी आत्मनिर्भर हो गया। चेन्नई से लेकर पोर्ट ब्लेयर के बीच समुद्र के भीतर 2300 किलोमीटर केबल बिछाने का काम सरकारी कंपनी बीएसएनएल ने पूरा किया है। इसके साथ ही अंडमान निकोबार और इसके आसपास के द्वीप वाले इलाके में सभी प्रकार की टेलीकॉम सेवा सुगम और तेज हो जाएगी। मोबाइल फोन में 4जी सेवा मिलने लगेंगी। इंटरनेट की स्पीड पहले के मुकाबले काफी तेज हो जाएगी।इसी तरह मोदी काल में ही मुंबई से महज कुछ दूर समंदर में बसे एलीफेंटा या घरापुरी टापू पर पर बिजली पहुंचाई गई। इस कदम के बाद इस इलाके में रहने वालो ने आजादी के 70 साल बाद बिजली का सुख भोगा जो अपने आप में नये भारत की कहानी लिखता है।

 

400 मीटर डोबरा-चांठी सस्पेंशन पुल बनकर हुआ तैयार

15 साल से कालापानी की सजा भुगत रहे टिहरी जिले के प्रतापनगर के लोगों की  मुश्किलें अब खत्म हो गई है क्योकि मोदी सरकार ने डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। जिससे  करीब ढाई लाख की आबादी की मुश्किलें कम हो गई है। पहले जहां प्रतापनगर के लोगों को नई टिहरी बाजार पहुंचने में करीब पांच घंटे लगते थे। वहीं, अब पुल के बनने के बाद ये दूरी घटकर सिर्फ डेढ़ घंटे रह गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के हालातों में भी सुधार होगा। इतना ही नही उत्तराखण्ड में चीन से सटी सीमा पर भी सरकार ने तेजी के साथ सड़क व्यवस्था की है। जिससे यहां के लोगो को और सेना को अब देश से जुड़ने में वक्त नही लगता।

चेनानी-नाशरी सुरंग’ के शुरू होने से दूरियां हुई कम

जम्मू-कश्मीर में ‘चेनानी-नाशरी’ सुरंग जो दक्षिण एशिया की सबसे लंबी सड़क सुरंग हैl खास बात ये है कि इस सुरंग का काम सालों से अटका हुआ था जिसे मोदी सरकार के सत्ता में आते ही तेजी से किया गया। परिणाम ये हुआ कि आज इस सुरंग के बन जाने से  देश का कोई हिस्सा भी हर महीने एक दूसरे से जुड़ा रहता है। चेनानी से नाशरी को जोड़ने वाले इस सुरंग को देश में सबसे सुरक्षित सुरंग माना जा रहा है क्योंकि इस सुरंग के भीतर आग की घटनाओं से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तथा गाड़ियों के टकराव को रोकने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैंl 10.89 किमी लम्बा यह सुरंग जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग के चार लेन परियोजना का एक हिस्सा है जो उधमपुर जिले के चेनानी और रामवन जिले के नाशरी के बीच की दूरी को 41 किमी से घटा कर 10.89 किमी तक कर दिया है तथा इस दूरी को ढ़ाई घंटे के बजाय सिर्फ 10 मिनट में तय किया जा सकता हैl  इसके साथ साथ कश्मीर के सीमा से सटे गांवों में आज बिजली पहुंच गई है तो दूसरी तरफ सीमा पर लोगो के लिए पक्के बंकरदार घर का निर्माण हो रहा है।

ये तो कुछ कहानियां है नये भारत की जो ये बता रही है कि आखिर पीएम मोदी को आज देश की जनता दिल में क्यो बैठा रही है। क्योकि 6 साल से पीएम मोदी आम जन के जीवन में ऐसे ऐसे बदलाव ला रहे है जिसको पहले सिर्फ नामुमकिन कहा जाता था।


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