राफेल की डील का जिन्न फिर आया बाहर लेकिन विपक्ष की बात पर जनता को नहीं विश्वास

झूठ पर झूठ बोलते जाओ देश को गुमराह करते जाओ। कुछ यही हाल आज देश में विपक्ष का है कभी वैक्सीन के नाम पर झूठ परोसा जा रहा है तो कभी किसानों के नाम पर। लेकिन अब एक बार फिर से राफेल का जिन्न बाहर निकालकर जोर जोर से झूठ परोसा जा रहा है जबकि कोर्ट, जनता की अदालत और दूसरी जांच एजेसियों ने साफ कर दिया था कि राफेल डील पूरी तरह से सही है।

What Is Rafale Deal Controversy? All You Need To Know

‘खोखले आरोप’

राफेल को लेकर साल  2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी पीएम मोदी जी को अपशब्द कहने की वही रणनीति अपनाई हमने तब नतीजा देखा था। अगर वे अब भी उसी ‘टूलकिट’ के साथ प्रयोग करना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। राफेल के मुद्दे पर देश के लोगों ने विपक्ष को पहले करारा जवाब दे चुकी है इस मुद्दे पर बीजेपी के नेता संबित पात्रा ने कहा कि मूल्य निर्धारण, खरीद की प्रक्रिया और सौदे के अन्य सभी पहलुओं की जांच भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने की है। पात्रा ने कहा, ‘‘भारत में ‘फैसला’ न्याय के सर्वोच्च प्रतीक से आया है। विपक्ष के आरोप खोखले लगते हैं और इसमें कोई दम नहीं है।’’ पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष उनके शासन के दौरान एक निविदा के बारे में ‘झूठ बोल रही है। प्रक्रिया के बारे में समझाते हुए पात्रा ने कहा कि प्रस्ताव और सौदे/निविदा में अंतर होता है।

‘भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा विपक्ष’

पात्रा ने हमला करते हुए कहा,  ‘‘अगर संप्रग शासन के दौरान एक निविदा थी तो लड़ाकू जेट क्यों नहीं खरीदा गया था? यह स्पष्ट है कि उस वक्त की सरकार भी ये डील नही कर सकी लेकिन ये जरूर है कि झूठ फैलाने की डील वो बाखूबी देश में फैला रही है और देशवासियों के मन में भ्रम पैदा कर रही है कि डील में घोटाला हुआ है जैसा उनके वक्त हुआ करता था लेकिन ऐसा कुछ नही है और ये बात हर देसवासी जानता है। महज फ्रांस में जांच के आधार पर देश में जांच करवाई जाये ये तो कोई तर्क नही होता वो भी तब जब की जांचो से ये मसला पूरी तरह से सही साबित हुआ है।

लेकिन कुछ भी हो पर मुद्दा विहीन विपक्ष को फिर से राफेल का मुद्दा मिल गया लेकिन मजे की बात तो ये है कि विपक्ष की चिल्लाचिल्ली कितनी भी कर ले लेकिन देश की जनता तो सब जानती है कि कौन देश हित में काम कर रहा है…