चुनावी मौसम आते ही हिंदुत्व का जिन्न फिर बाहर निकला 

दिल्ली हो या उत्तर भारत में हर तरफ ठंड का माहौल बढ़ने लगा है। लेकिन देश का सियासी पारा गर्म होता जा रहा है। आलम ये है कि आज कुछ लोग हिंदुत्व और हिंदू दोनो में अंतर बताने में जुट गये है और ऐसे बयानो के आने के बाद जनता अच्छी तरह से समझ चुकी है कि देश में चुनाव आने वाले है। तभी एक समुदाय को खुश करने के लिये ऐसे बयान दिये जा रहे है जो आने वाले दिनो में सियासी हलचल और पैदा कर सकते हैं।

बयान के जरिये विकास के मुद्दे को भटकाने का हो रहा काम

देश में हिंदुत्व को लेकर जारी विवाद के बीच एक बयान और आ गया है जिसमें हिंदुत्व और हिंदू धर्म अलग-अलग बताया जा रहा है। बोला जा रहा है कि अगर आप हिंदू है तो आपको हिंदुत्व की क्या जरूरत है। इस बयान के बाद विपक्ष ने सत्ता पक्ष को हमला करने का एक मौका और दे दिया क्योंकि ये सवाल तो ऐसा ही हुआ जैसे इंडिया और भारत एक नहीं अलग हो। वैसे इस बयान पर लोगों को गुस्सा से ज्यादा हंसी आ रही है और वो इसपर हमला बोलने की जगह मजाक करते हुए सोशल मीडिया पर दिखाई दिये। वैसे इसके पहले भी एक महानुभाव ने हिंदू और हिदुत्व को अलग करके हिंदू धर्म पर आघात किया था जिसे लेकर विवाद अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि एक नया विवाद और शुरू हो गया है। अब देखना ये होगा कि ये कितना आगे तक चलता है। ऐसे में लगता तो यही है कि ये सिर्फ विकास के मुद्दे को दबाकर सासत को चुनाव के वक्त तुष्टीकरण की तरफ ले जाने की साजिश है। क्योकि वो अच्छे से जानते है कि विकास के कामों की इतनी लबी फेहरिस्त सरकार के पास है कि वे उसपर सवाल उठा ही नही सकते।

चुनाव से पहले आखिर हिंदुत्व पर निशाना क्यों

ये पहला मौका नही है जब हिंदुत्व पर विवादित बोल बोले जा रहे है। भारत के चुनावी इतिहास में ये बहुत लंबे समय से होता आ रहा है। लेकिन सवाल ये उठता है कि हिंदुस्तान में हिंदुत्व पर ही हर बार क्यों सवाल उठता है। खासकर चुनाव के वक्त वैसे तो हम अपने आपको धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बुलाते है लेकिन चुनाव के दौर में देश के एक सुमदाय को खुश करने के लिये कुछ लोग हिंदुत्व को बदनाम करते है और ये वही लोग है जो धर्मनिरपेक्षता का ध्वज हमेशा बुलंद करते है। लेकिन अब ये लोग अच्छी तरह से समझ जाये कि उनकी इस चाल में आम आदमी नहीं फंसने वाला है और उनका ये फार्मूला पूरी तरह से पुराना हो गया है।

कोई राम भक्तों को निशाचर बता रहा है तो कोई हिंदुत्व पर सवाल खड़ा कर रहा है। लेकिन ऐसे लोग ये भूल गये कि हिंदू की आत्मा आज हिंदुत्व है और इसे जागृत करने के लिये समूचा देश एकजुट हो चुका है जिससे देश का विकास तेजी से हो सके।