नये भारत को बनाने के लिये दशक का पहला संसद सत्र हुआ शुरू

राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ मोदी 2.0 का दूसरा बजट सत्र संसद में शुरू हो गया इस दौरान जहां राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में नये भारत की बुलंद तस्वीर पेश की तो विपक्ष के नदारद रहने पर पीएम मोदी ने अपील की है कि भारत के विकास के लिए इस सत्र में अधिक से अधिक चर्चा हो जिससे देश का हित हो सके।

 

तेज गति से सपनो को पूरा करने का अवसर -मोदी

संसद सत्र की शुरूआत से पहले विरोधी दलों को पीएम मोदी ने एक संदेश देते हुए बोला कि ये सत्र इस दशक का पहला सत्र है इसे सफल बनाने के लिये खूब मंथन होना चाहिये जिससे देश का विकास तेजी से हो सके। इसके साथ उन्होने कहा कि ये अवसर तेज गति से सपनो को सच करने का है ऐसे में हमे तेजी के साथ काम करना चाहिये जिससे देश विश्व में एक अलग स्थान स्थापित हो सके। बस इसके लिये हम सबको साथ में मिलकर काम करना होगा। इसलिये विपक्ष को इस सत्र में जबकर बहस करनी चाहिये जिससे देशहित में अच्छी तरह से काम हो सके।

जनता के स्वास्थ के लिये सबसे ज्यादा जागरूक सरकार

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत देश में 1.5 करोड़ गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिला है। इससे इन गरीबों के 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा, खर्च होने से बचे हैं। आज देश के 24 हजार से ज्यादा अस्पतालों में से किसी में भी आयुष्मान योजना का लाभ लिया जा सकता है। प्रधानमंत्री भारतीय जन-औषधि योजना के तहत देश भर में बने 7 हजार केंद्रों से गरीबों को बहुत सस्ती दर पर दवाइयां मिल रही हैं। बीते 6 वर्षों में अंडरग्रैजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट चिकित्सा शिक्षा में 50 हजार से ज्यादा सीटों की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत सरकार ने 22 नए ‘एम्स’ को भी मंजूरी दी है।इसके साथ साथ हमारे लिए गर्व की बात है कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है। इस प्रोग्राम की दोनों वैक्सीन भारत में निर्मित हैं। संकट के समय में भारत ने मानवता के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए अनेक देशों को कोरोना वैक्सीन की लाखों खुराक उपलब्ध कराई हैं। वही लालकिले में हुए हमले पर राष्ट्रपति ने दुख जताते हुए इस घटना को शर्मसार करने वाली घटना बताई। तो देश में हुए कामो को भी गिनाया।

नये भारत में कितनी तेजी से काम किये गये है इसकी झलक राष्ट्रपति के अभिभाषण में साफ दिखी तो पीएम मोदी की एक छोटी सी बाइट ने साफ कर दिया कि वो सड़क से संसद तक हर मुद्दे पर बहस और मंथन के लिये तैयार है जिससे देश का विकास तेज हो सके। ऐसे में अब विपक्ष को सोचना है कि वो सरकार से बहस करती है या बाहर रहकर सीधे तौर पर देश के विकास पर ब्रेक लगाती है।