बदलेगा इतिहास,पटरी पर दौड़ेगी बिना इंजन वाली पहली भारतीय ट्रेन

मोदी सरकार के नेतृत्व मे लगातार देश बदल रहा है और विकास पथ पर चल रहा है। इसी क्रम मे अब देश मे एक और इतिहास रचने वाला है। 29 अक्टूबर को पहली बार देश की पटरी पर बिना इंजन वाली ट्रेन दौडने वाली है। जो भारतीय रेल की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

16 कोचों वाली ये ट्रेन शताब्दी की तुलना में सफर के समय को 15% तक घटा सकती है. इस फुल एसी ट्रेन को भारत में ही महज़ 18 महीनों में तैयार किया गया है।इसे इस हिसाब से बनाया गया है कि लोगों को ड्राइवर के केबिन के भीतर का सबकुछ नज़र आए।

29 तारीख को न सिर्फ इतिहास बनने वाला है बल्कि इतिहास बदलने भी वाला है. इस दिन भारत की पहली बिना इंजन वाली ट्रेन को पटरियों पर इसलिए दौड़ाया जाएगा ताकि इसका सफल परीक्षण किया जा सके. इससे इतिहास तो बनेगा ही लेकिन इतिहास बदलेगा भी. दरअसल, ख़बर है कि ‘ट्रेन 18’ नाम की ये ट्रेन 30 साल पुरानी शताब्दी की वारिस साबित होगी और अगर ऐसा होता है तो इतिहास बदल जाएगा.

ये ट्रेन सेल्फ-प्रोपल्सन मॉड्यूल से चलती है जिसकी वजह से इसे इंजन की कोई दरकार नहीं है। इसकी ख़ासियत ये है कि ये ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफर कर सकती है। वहीं, इसमें जो एडवांस तकनीक लगी है उसकी वजह से ये बिना क्षण गवाए रफ्तार पकड़ सकती है।

चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री इस ट्रेन को बनने मे100 करोड़ रुपए का ख़र्च आया है लेकिन माना जा रहा है कि बाद में इसकी कीमत घट सकती है। मतलब साफ है कि आने वाले दिनों मे जब ये ट्रेन पटरी पर दौड़ेगी तो आप भी कह सकेगे कि अब हम भी किसी से कम नही और ये सब हुआ है तो मोदी सरकार के चलते ही क्योंकि देश बदलने मे वो लगातार लगे हुए है।