सारंग तोप की पहली खेप 31 मार्च से पहले भारतीय सेना में होगी शामिल

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

The first batch of Sharang Cannon will be included in the Indian Army before 31 March

भारतीय सेना लगातार अपनी मारक क्षमता का विस्तार कर रही है। इस कड़ी में स्वदेशी शारंग तोप भी अब शामिल होने वाली है। देश में बनी 39 किलोमीटर तक मार करने वाली 18 उन्नत शारंग तोपों की पहली खेप इस वित्त वर्ष के अंत तक भारतीय सेना में शामिल होगी। शारंग तोप के कार्यक्रम समन्वयक बिग्रेडियर जयंतकर के अनुसार, ‘‘देश में 18 उन्नत शारंग तोप की पहली खेप 31 मार्च से पहले भारतीय सेना में शामिल होगी।”

बिग्रेडियर जयंतकर बताया कि इस तोप को विभिन्न मानकों पर परख लिया गया है। इसे शून्य डिग्री तापमान से 45 डिग्री तापमान तक मौसम की स्थितियों में परखा गया है। उन्होंने बताया कि देश में बनी इस तोप की मारक क्षमता 39 किलोमीटर तक है। इसके साथ ही तोप की बैरल गन को 133 मिलीमीटर से 155 मिलीमीटर में उन्नत किया गया है तथा इसकी मारक क्षमता में पहले से 12 किलोमीटर का इजाफा किया गया है। जबलपुर जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर इंटिग्रेटिड फायरिंग परीक्षण पूरी तरह सफल साबित हुआ है। उन्होने बताया कि जबलपुर जिले में स्थित एक दशक पुरानी गन कैरेज फैक्ट्री (जीसीएफ) ने शारंग तोप को उन्नत करने के लिये वैश्विक स्तर पर करार हासिल किया था। शारंग के उन्नयन कार्यक्रम में आयुध कारखानों, डीआरडीओ और भारतीय सेना के दल शामिल रहे हैं।

शारंग तोप को धनुष और बोफोर्स से ज्यादा घातक बताई जा रही है। इस तोप को अपग्रेड करने के बाद टेस्ट किया गया है। सारंग तोप रशिया की सोल्टन गन का अपग्रेड वर्जन है। जिसकी रेंज बढ़ाई गई है। पहले से मौजूद बोफोर्स और धनुष गन के बाद सारंग की दहाड़ सरहदों पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए तैयार है।

बता दे की देश और जनता की सुरक्षा हमेशा से ही PM मोदी की प्राथमिकता रही है। इसे मजबूती देने के लिए मोदी ने प्रथम कार्यकाल में यथासंभव प्रयास किये है और अभी भी उनका प्रयास जारी है। विकसित और सामरिक दृष्टि से मजबूत देशों से बेहतरीन और आधुनिक हथियारों का सौदा भी इन प्रयासों में शामिल है। इसके अतिरिक्त एक और चीज़ है जिस पर मोदी हमेशा से ही जोर देते आये है और वो है अपने देश में मजबूत से मजबूत हथियारों को तैयार करना और सेना को स्वदेशी हथियारों से लैस करना। अब मोदी के प्रयासों को धीरे-धीरे सफलता मिलती दिख रही है और उसी सफलता का एक उदाहरण शारंग तोप है।

 


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •