पीएम संग्रहालय को देख अभिभूत हुए पूर्व पीएम के परिवार, पीएम मोदी का जताया आभार

प्रधानमंत्री संग्रहालय की शुरूआत में करीब करीब सभी पूर्व पीएम के परिवार वाले शामिल हुए, बस गांधी परिवार भी इस कार्यक्रम से नदारद दिखा। हालांकि जो भी पूर्व पीएम के  परिवार के सदस्य इस संग्रहालय को देखे उन सब जहां एक ओर भावुक हो गये तो दूसरी तरफ सभी ने पीएम मोदी के इस कदम पर खुशी जाहिर की और उन्हे देश का सच्चा नेता बताया। इस दौरान पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा के पोते ने कांग्रेस पर तंज कसा।

हमेशा मलाल रहेगा

पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा के पोते एन वी सुभाष ने प्रधानमंत्री संग्रहालय के उद्घटान पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए गांधी परिवार पर अपने ही पूर्व प्रधानमंत्री को सम्मान नहीं देने का आरोप लगाया है। पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा के पोते एन वी सुभाष ने कहा कि उनके दादा पीवी नरसिम्हा राव ने अपना पूरा जीवन कांग्रेस को समर्पित कर दिया, वो कांग्रेस को अपनी मां मानते थे। आगे उन्होंने कहा कि 1991 में संकट काल में उन्होंने पार्टी और सरकार, दोनों को संभाला। अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को समझा कर, मना कर पांच साल तक अल्पमत सरकार चलाई। लेकिन कांग्रेस ने, खासतौर से गांधी परिवार ने उन्हें कभी वह सम्मान नहीं दिया, जिस सम्मान के वो हकदार थे। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा इस बात का दुख और मलाल रहेगा।

पूर्व पीएम के परिवार वालों ने पीएम मोदी की तारीफ

प्रधानमंत्री संग्रहालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आये पूर्व पीएम के परिवार वालों ने पीएम मोदी की तारीफ की। पीवी नरसिम्हा के पोते एन वी सुभाष ने कहा कि विरोधी दल के प्रधानमंत्री होने के बावजूद नरेंद्र मोदी ने विचारधारा के आरोप पर कोई भेदभाव नहीं करते हुए उनके दादा के साथ-साथ देश के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों को सम्मानित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है, जिसके लिए वो प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभारी है। उन्होंने कहा कि आज वो अपने आपको सम्मानित और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। इसी तरह पूर्व पीएम चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर ने पीएम मोदी को देश का एक सच्चा नेता बताया और उनका आभार जताया। वही चौधरी चरण सिंह की पोती संध्या अग्रवाल भी उस वक्त भावुक नजर आईं , जब उन्होंने अपने दादा से जुड़ी संग्रहालय की वस्तुओं को देखा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभिभूत हूं। यह उनकी विरासत को संरक्षित रखने की एक बड़ी पहल है। यह विचारपूर्ण और बखूबी निर्मित है। भावी पीढ़ी के लिए भी उन लोगों को जानना जरूरी है जिन्होंने इस देश का निर्माण किया। मैं अपने बच्चों को यहां लाने की सोच रही हूं।’’परिवार ने पूर्व प्रधानमंत्री की तस्वीरें, पत्र, पुस्तकें और डायरी संग्रहालय को दी।

लेकिन अफसोस तो तब होता है जब ऐसे कार्यक्रम में भी कुछ लोग ना पहुंचकर सिर्फ सियासी रोटिया सेकने का काम करते है। जबकि उनके परिवार के तीनो पूर्व पीएम को पूरा सम्मान दिया जाता है।