दुश्मन की नींद खराब करने वाला राफेल, फ्रांस से कैसे आएगा भारत जानिए

बस कुछ दिन बाद वो पल आने वाला है जब देश के दुश्मन का काल राफेल भारत की सरजमीन पर होगा। जानकारों की माने तो चीन से तनाव के बीच 27 जुलाई को भारत को 6 राफेल विमान मिलने वाले है।  दुनिया का सबसे घातक लडाकू विमान जिसमें एक से एक बेहतर मिसाइलों और सेमी स्टील्थ तकनीक लगी हुई है। जब वो भारत के पास आ जायेगा तो ये मान लीजिये की दुश्मन का दिल भी थर्रायेगा। फ्रांस से भारत तक राफेल कैसे लाया जाया कौन कौन से देश की हवाई सीमा से होता हुआ आयेगा चलिए इसके बारे में हम आपको बताते हैं।

भारत पहुंचने से पहले इन देशो में भी रुकेगा राफेल

सबसे पहले तो आपको ये बात दे कि 6 राफेल विमान भारत तक आकाश मार्ग यानी की उड़कर ही पहुंचेंगे। इसके लिए इडियन अयर फोर्स ने पूरी तैयारी भी कर ली है। जानकारी के अनुसार, बोर्डोक्स से उड़ान भरने के बाद राफेल फाइटर जेट्स दो बार रिफ्यूलिंग के लिए जमीन पर उतरेंगे। इसके अलावा ये विमान जरूरत पड़ने पर साथ में उड़ रहे टैंकर एयरक्राफ्ट से हवा में ही रिफ्यूलिंग करेंगे। बताया जा रहा है कि पहली बार ये प्लेन ग्रीस या इटली में रिफ्यूलिंग और आराम के लिए उतरेंगे। जबकि दूसरी बार ओमान या तुर्की में इनके उतरने की संभावना है। राफेल विमान फ्रांस से भारत तक का सफर पूरा करने के दौरान लगभग 1000 किमी प्रति घंटे की गति से उड़ान भरेंगे। हालांकि, राफेल की अधितकम स्पीड 2222 किमी प्रति घंटा है।

जामनगर की धऱती पर उतरेगा पहली बार राफेल

फ्रांस से चलकर राफेल सबसे पहली बार भारत की सरजमीन पर उतरेगा तो वो जामनगर की धरती होगी। जहां इसकी सभी तरह की कस्टम संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएगी। इसके बाद ये विमान दोबारा उड़ान भरकर अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेंगे। राफेल के पहले बेड़े को 17 गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन के पायलट उड़ाएंगे। इनकी ट्रेनिंग भी फ्रांस में पूरी हो चुकी है। इतना ही नही भारत यात्रा के दौरान राफेल विमानों के बेड़े के साथ आधी दूरी तक फ्रांस का रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट आएगा। उसके बाद खाड़ी देशों से भारतीय रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट आईएल-78 इन विमानों को एस्कोर्ट करेगा। इन विमानों में अतिरिक्त पायलट, मेंटेनेंस स्टाफ और राफेल के इंजन भी होंगे। ताकि रास्ते में किसी प्रकार की जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता की जा सके।

राफेल है दुनिया का सबसे शक्तिशाली फाइटर प्लेन

भारत को मिलने वाला राफेल विमान हवा से हवा में मार करने वाली बियांड विजुअल रेंज मिसाइल से लैस होगा। यह मिसाइल दुश्मन के प्लेन को बिना देखे सीधे फायर किया जा सकता है। इसमें एक्टिव रडार सीकर लगा होता है जिससे मिसाइल को किसी भी मौसम में फायर किया जा सकता है। वहीं, स्कैल्प मिसाइल या स्ट्रॉम शैडो किसी भी बंकर को आसानी से तबाह कर सकती है। इसकी रेंज लगभग 560 किमी होती है।इसके साथ साथ  भारत आने वाले राफेल फाइटर जेट्स में दुनिया की सबसे ऑधुनिक हवा से हवा में मार करने वाली मीटिअर मिसाइल भी लगी होगी।

मतलब साफ है कि राफेल भारत का वो अस्त्र होगा जिसका नाम सुनकर ही दुश्मन के पसीने छूट जाएंगे। ऐसे में दुश्मन ये सोच ले कि अगर भारत के ऊपर जंग शुरू करते हैं तो उनका हर्ष क्या होगा।