भारत की नई फौज देख कर दुश्मन के दिल हिल जायेंगे

अभी तक तो भारत के दुश्मन चीन और पाक भारतीय फौज के जवानों की आहट से ही डरते थे लेकिन आने वाले दिनो में दुश्मन को मजा चखाने के लिए भारत ने एक नई फौज तैयार की है जिसके आगे दुश्मन की हालत ऐसी पतली होगी कि वो कभी भारत की तरफ आंख उठाकर भी नही देख सकता है। इसका एक छोटा सा नजारा सेना दिवस के मौके पर भारतीय फौज ने दिखाया जब पहली बार आर्मी ने ड्रोन अटैक का नजारा पेश किया। आर्मी डे परेड के दौरान दिखाया कि किस तरह ड्रोन बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के दुश्मन के ठिकानों को सटीक निशाना बना सकते हैं।

50 किमी दुश्मन के देश घुसकर टार्गेट को कर सकता है  नष्ट

कई ड्रोन के मिलकर एक मिशन को अंजाम देने के इस सिस्टम को ड्रोन स्वॉर्मिंग कहते हैं। यह नई टेक्नॉलजी भविष्य में युद्ध के पूरे सीन को ही बदलने की क्षमता रखती है और नो कॉन्टेक्ट वॉरफेयर यानी बिना कॉनटेक्ट से युद्ध में यह बेहद अहम साबित होगी। आर्मी डे परेड के दौरान कई ड्रोन ने मिलकर दुश्मन के टैंक, आतंकी कैंप, हैलीपैड, फ्यूल स्टेशन सहित कई जगहों को निशाना बनाने का प्रदर्शन किया। इस दौरान  इसमें 75 ड्रोन शामिल थे। इसमें दिखाया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए यह ड्रोन बिना किसी मानव हस्तक्षेप के दुश्मन के इलाके में 50 किलोमीटर तक अंदर दाखिल हुए और टारगेट की पहचान कर उन्हें नष्ट किया। इस सिस्टम में सारे ड्रोन एक दूसरे से कम्युनिकेट करते हैं और मिलकर मिशन को अंजाम देते हैं।

मदर ड्रोन से निकले चाइल्ड ड्रोन

इंडियन आर्मी ने स्वदेशी कंपनियों के साथ मिलकर ड्रोन स्वॉर्मिंग सिस्टम का प्रदर्शन किया जो इसका भी प्रदर्शन है कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। भविष्य में किस तरह युद्ध होंगे यह इसकी भी एक झलक थी। यह टेक्नॉलजी दुनिया भर में युद्ध के तरीके को बदल रही है।इसमें मदर ड्रोन सिस्टम को भी दिखाया गया। दिखाया गया कि मदर ड्रोन से चार चाइल्ड ड्रोन निकलते हैं और जिनके अलग अलग टारगेट होते है। फिर यह चाइल्ड ड्रोन अपने टारगेट को सफलतापूर्वक नष्ट करते हैं।ऑफेंसिव ड्रोन ऑपरेशन के जरिए इंडियन आर्मी ने दिखाया कि तरह भारत तकनीक के मामले में आगे बढ़ रहा है। ड्रोन ने सिर्फ दुश्मन के ठिकानों को ही निशाना नहीं बनाया बल्कि यह भी दिखाया कि यह पैरा ड्रॉपिंग के लिए भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ड्रोन से कोई सामान पैराशूट के जरिए ड्रॉप करने के अलावा ये ड्रोन सामान लेकर खुद लैंड हो सकते हैं और लैंड होते ही इनका सिस्टम खुद बंद हो जाएगा। इसके साथ साथ 600 किलो तक की सप्लाई भी ये बाखूबी कर सकते है। भारतीय सैनिक कई ऐसे इलाकों में तैनात हैं जहां पहुंचना बहुत मशक्कत भरा होता है, मौसम भी चुनौती होती है। ऐसे में ड्रोन के जरिए सप्लाई करने के साथ ही एक्सचेंज भी बेहद आसानी से हो सकता है।

एक तरफ भारतीय फौज मेक इन इंडिया के हथियारों से लैस हो रही है तो दूसरी तरफ आने वाले दिनो में जंग के लिये अपने दुश्मन से ज्यादा हाईटैक होने की तैयारी भी कर रही है। क्योकि भारतीय फौज अच्छी तरह से ये समझ चुकी है कि आगे कि जंग काफी हाईटेक होने वाली है ऐसे में अभी से अगर अपने आपको नही बदला तो फौज काफी पीछे हो जायेगी शायद यही सोच के चलते भारतीय फौज नये तौर तरीको से लैस हो रही है जिससे वो विश्व में नबंर वन फौज बन सके।