मोदी और जनता के बीच अटूट विश्वास का असर विपक्ष के भ्रम का नहीं पड़ता असर 

कहते हैं जिनके घर खुद शीशे के होते हैं वो दूसरों के घरो में पत्थर नहीं मारते है लेकिन आज का विपक्ष इसका उल्टा कर रहा है। पहले अपना दामन ना देखकर सीधे मोदी सरकार पर आरोप लगा रहा है और बिना किसी सबूत के संसद की कार्यवाही को चलने नही दे रहा है।

जनता के बीच विपक्ष की दाल नहीं गल रही

वैसे अगर देखा जाये तो सत्ता में जब से मोदी जी काबिज हुए हैं विपक्ष हर एक दो महीने में कोई ना कोई झूठ का मायाजाल फैलाकर मोदी जी की छवि खराब करने में लग जाती है। फिर वो राफेल का मामला हो या नोटबंदी का या फिर कोरोना काल की दूसरी लहर में खामियों का मुद्दा हो या फिर आप महंगाई का मुद्दा ले लें या अब जासूसी का हर मुद्दे में जनता के बीच में मोदी जी की छवि नहीं खराब होती बल्कि देखा जाये तो हर आरोप के बाद मोदी जी की छवि और उभरकर सामने आती है। ऐसा इसलिये क्योंकि पिछले 7 साल में जिस तरह से जनता के बीच रहकर मोदी जी काम कर रहे हैं और खुद हर काम का जायजा ले रहे हैं, हर आम और खास का पूरा ध्यान रख रहे हैं। जनता को ये विश्वास हो गया है कि मोदी जी के शासन में ही देश आगे ब़ढ़ सकता है। वहीं दूसरी तरफ बदनाम करने के लिये जिस झूठ का सहारा विपक्ष लेता है उससे खुद मोदी या फिर उनकी टीम कुछ दिन में ही तोड़ देती है। ऐसे में जनता को विश्वास हो गया है कि सच जो विपक्ष बताता है उसका उल्टा ही होता है।

सरकार ने सिरे से किया जासूसी के आरोप को खारिज

पेगासस विवाद को लेकर अगर विपक्ष हल्ला मचा रही है तो सरकार भी झूठे आरोपो के जवाब देने में पीछे नही हट रही है। इस क्रम में मोदी सरकार ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। जिससे विपक्ष का झूठ जनता के सामने सच में नहीं बदल पा रहा है। भारत में राजनेताओं, पत्रकारों और अन्य लोगों की जासूसी करने के लिए पेगासस स्पाइवेयर के इस्तेमाल का आरोप लगाने वाले विपक्षी दल और अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर निशाना साधते हुए सबसे पहला हमला खुद गृह मंत्री ने किया  और बोला कि ऐसी ‘‘अवरोधक’’ और ‘‘विघटनकारी’’ ताकतें अपनी साजिशों से भारत को विकास की पटरी से नहीं उतार पाएंगी। तो दूसरी तरफ पूर्व सूचना मंत्री रवीशंकर प्रसाद ने मोर्चा संभालते हुए सभी आरोपों को खारिज कर दिया और इसे सिर्फ एक झूठ का पुलिंदा ही बताया। इसके साथ साथ राज्यों के सीएम ने भी विपक्ष के भ्रम को अपनी अपनी तरह से दूर किया। जो ये बताता है कि विपक्ष के हर हमले का जवाब मोदी जी और उनकी टीम आगे बढ़कर देने के लिये तैयार है और इसका संकेत खुद पीएम ने ये बोलकर दिया था कि अगर विपक्ष तीखे सवाल करता है तो उसे जवाब भी सुनना होगा। जिससे सच सबके सामने आये।

वैसे भी मोदी जी अपने भाषण में बोल चुके हैं कि 21वीं सदी में 20वीं सदी की सियासत नहीं चलेगी। लेकिन विपक्ष है जो मान ही नहीं रहा है। पुराने नियम पर ही चल रहा है जिसके चलते  हर बार करारी हार खाने को मजबूर है।

 

Leave a Reply