मोदी जी के संकल्प का दिखा असर, काशी में अब आचमन योग्य हुआ गंगाजल

“न मैं यहाँ आया हूँ, न यहाँ लाया गया हूँ, मुझे माँ गंगा ने बुलाया है’’ पीएम मोदी के इस बयान को कई राजनीति के ज्ञानियों ने सिर्फ एक जुमला माना था लेकिन पीएम मोदी ने सत्ता में रहते हुए ये साबित कर दिया। उनके मुंह से निकले वो शब्द कोई राइटर के लिखे शब्द नहीं थे बल्कि वो भाव था काशी के प्रति उनकी आस्था का। आज उसका असर तभी देखने को मिल भी रहा है जिसके चलते गंगा का पानी आचमन योग्य हो गया है।

काशी में 50 वर्ष पूर्व की स्थिति में पहुंचीं गंगा की निर्मल धारा

पीएम मोदी के संकल्पों के अनुसार गंगा की स्वच्छता के लिए किए जा रहे तमाम प्रयासों का प्रतिफल दिखने लगा है। मार्च महीने की शुरुआत से ही गंगाजल के प्रतिदिन लिए जाने वाले नमूनों को देखें तो जल का PH मान जहां निरंतर सुधार के साथ 8.25 हो गया, वहीं घुलित आक्सीजन की मात्रा भी 8.2 मिलीग्राम प्रति लीटर हो गई है। बायोलाजिकल आक्सीजन डिमांड भी घटकर तीन तक पहुंच गई है जो स्थिति आज बन पाई है वो 50 साल पहले काशी की गंगा की थी। इसके पीछे की वजह सिर्फ एक है और वो है काशी के सासंद और देश के पीएम मोदी जी जिन्होने आते ही तेज गति से गंगा में गिर रहे नालों को रूकने का काम शुरू किया तो दूसरे तरफ आम काशीवासियों को भी जागरूक किया कि मां गंगा को साफ और निर्मल बनाना हमारा काम है जिसका असर ये देखने को मिला कि काशी में लोगों ने गंगा में कचरा डालना बंद कर दिया।

काशी आज बन गया है भव्य और दिव्य काशी

ऐसा नहीं कि पीएम मोदी ने केवल गंगा की हालत ही सुधारी है उन्होने आज काशी को आधुनिक के साथ साथ सांस्कृतिक भव्यता भी दी है। जिसका जीता जागता उदाहरण काशी विश्वनाथ मंदिर है तो दूसरी तरफ शहर में फैले बरसो पुराने बिजली के तार है जो आज काशी में कभी भी देखने को नहीं मिलते। इसी तरह काशी रुद्राक्ष ऑडिटोरियम हो या फिर वहां बने घाट, आज ये बता रहे है कि कैसे देश की संस्कृतिक राजधानी काशी नया रूप ले रही है। इसके साथ साथ शहर में तैयार हुए नये ब्रिज ये बता रहे है कि विकास की दौड़ में काशी अब केवल खड़ा ही नहीं बल्कि दौड़ने लगा है।

शायद भारत की राजनीति में ये पहला मौका होगा जब देश के पीएम का लोकसभा क्षेत्र इतनी तेजी से विकसित हुआ हो वरना पहले के प्रधानमंत्रियों के लोकसभा क्षेत्र आज भी विकास के लिए तरस रहे है और इतंजार कर रहे है कि उन्हे भी कोई मोदी जी जैसा लाल आकर संवारे।