भारत को फिर बदनाम करके आग में झोंकने की साजिश से उठा पर्दा

भारत-पाकिस्तान मैच के बाद इस्लामी कट्टरपंथी पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाते हुए हिंदू घृणा दिखाने से नहीं चूक रहे और तो और, इस काम में पाक के कई बड़े किक्रेट खिलाड़ी भी शामिल दिख रहे हैं जो भारत के खिलाफ एक तरह की साजिश रचकर दुनिया में भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसा करने में वो अकेले नहीं हैं बल्कि उनका साथ भारत में रहने वाले कुछ लिबरल भी दे रहे हैं। हालांकि पाक के एक खिलाड़ी ने तो बकायदा इस मुद्दे पर अब टीवी पर माफी भी मांग ली है जो किसी ड्रामा से कम नहीं है।

वकार यूनूस ने मांगी मांफी

जब समूचे विश्व में पाक की किक्रेट को लेकर काली करतूत की कलई खुली तो सबसे पहले पाक के पूर्व गेंदबाज वकार यूनुस सामने आये और उन्होने कहा “आवेश में आकर मैंने ऐसी बात कह दी, मैंने ऐसा कुछ कहा, जो मेरा कहने का मतलब नहीं था, जिससे काफी लोगों की भावनाएँ आहत हुई हैं। मैं इसके लिए माफी माँगता हूँ, मेरा ऐसा मकसद बिल्कुल नहीं था, सच में गलती हो गई। खेल लोगों को रंग और धर्म से हटकर जोड़ता है।” गौरतलब है कि उन्होने एक टीवी पर बोला था कि उन्हें पूरे मैच में सबसे अच्छी बात ये लगी कि रिजवान ने सभी हिंदुओं के सामने खड़े होकर नमाज पढ़ी। उनके इस बयान पर जब लोगों ने आपत्ति जताई और विरोध हुआ तो उन्होंने माफी माँगते हुए कहा कि उनके मुँह से ये बात आवेश में निकल गई थी बोलकर माफी का घड़याली आँसू बहा रहे हैं। इसी तरह एक मामला भारत का भी आया है जिसमें पाक की जीत पर जश्न मनाने वाली पर Nafisa Attari स्कूल से टर्मिनेट होने पर अफसोस जाहिर कर रही है कि उनसे अगर गलती हुई है तो वो मांफी मांगती है जो किसी ड्रामे से कम नहीं लग रहा है।

देश की छवि बिगाड़ते कुछ देश के विभीषण

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश ने देखा कि कैसे कुछ अपनो ने ही देश कि छवि विश्व में खराब करने के लिये लाशों तक को नहीं छोड़ा ठीक इसी तरह किसान आंदोलन के वक्त भी टूलकिट के जरिये देश के सम्मान में ठेस पहुंचाने के लिये कैसे लालकिले को भी निशाना बनाया गया, वैसे ही भारत पाकिस्तान के मैच के बाद तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को निशाना बनाते हुए कैसे भारत की छवि को फिर दुनिया में खराब करने की कोशिश की गई जो ये साफ बताता है कि मोदी विरोध में कैसे कुछ लोग देश के भीतर विभीषण का रोल अदा कर रहे है। कैसे वो मोदी सरकार पर लोग सवाल करें इसके लिये देश दुनिया में झूठ फैला रहे है। उनका सिर्फ एक ही मकसद बन गया है कि किसी ना किसी तरह से मोदी सरकार बदनाम हो जिससे वो सत्ता में अपनी मनपंसद सरकार बनाव सकें और फिर से माल कमा सकें हालांकि ऐसा होना दूर दूर तक तो दिख नहीं रहा है।

 

इतिहास गवाह है कि भारत हमेशा विभीषण और जयचंदो के चलते ही हारा है या गुलाम हुआ है। ये विभीषण उस दौर में थे आज भी है ऐसे में बस देशवासियों को ऐसे लोगों से सावधान रहना है कि वो इतिहास को दोहरा नहीं सके।