बदलाव में ही छुपा है विकसित देश का ताज

आज हमारा देश जहां खड़ा वहां से अगर हम पीछे देखे तो ये साफ पता चलता है कि हम आजादी के बाद तेजी के साथ विकास की ओर नही दौड़ सके फिर वो कोई भी क्षेत्र क्यो न हो। ऐसे में एक बात तो सही साबित हो रही है कि आने वाले समय में हम दुनिया के साथ विकास के मामले में दौड़ सके तो हमे कुछ पुराने नियम बदलने होगे जैसे मोदी सरकार कर रही है।

नये भारत के लिए जरूरी है नये परिवर्तन

जिस तरह से सत्ता में आने के बाद से ही पुराने तरीके से चलते की स्पीड को मोदी सरकार ने बदली है उसका ही असर है कि आज नये भारत की तस्वीर दिखने लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुधारों पर बल देते हुए यह सही कहा कि पुराने पड़ चुके कानूनों के सहारे नई शताब्दी में नहीं चला जा सकता। उनका यह कथन इसलिए अहम हो जाता है, क्योंकि इन दिनों नए कृषि कानूनों के विरोध में विभिन्न किसान संगठनों का एक आंदोलन जारी है और उसके तहत भारत बंद की भी तैयारी की जा रही है, लेकिन इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती कि किसानों का आंदोलन वस्तुत: किसानों का ही अहित करने वाला है। इसका संकेत विभिन्न किसान संगठनों की उन मांगों से मिलता है जो कुछ समय पहले की जा रही थीं। उनकी तब की मांगें आज के बिल्कुल उलट थीं। जो किसान संगठन किसानों को आढ़तियों के चंगुल से मुक्त कराने की जरूरत जता रहे थे वे आज यह कहने लगे हैं कि आढ़ती किसानों के हितों के रक्षक हैं। बात ऐसे किसान संगठनों की ही नहीं है।

बदलाव को अपने से ही होगा देश का फायदा

जिस तरह से मोदी सरकार भारत को मजबूत या यूं कहे नये भारत की नींव रख रहे है उसके साथ देशवासियों को भी चलना बहुत जरूरी होगा वैसे अगर देखे तो कोई भी सर्वे हो या चुनाव जिस तरह से मोदी जी अपने विरोधियों को परास्त कर रहे है उससे ये साफ होता है कि मोदी जी को देशवासियों की तरफ से भरपूर समर्थन मिल रहा है। हालाकि कुछ लोग देश में विकास के इस माहौल को खराब करने के लिए लगातार लगे है ये लोग यही चाहते है कि देश विकास के पथ पर न चले क्योकि अगर ऐसा हो गया तो लोग उनसे ही सवाल करेंगे कि मोदी सरकार ने देश में विकास की लौ जलाई तो आप लोग ऐसा क्यो नही कर सके। बस इसीलिये वो देश में माहौल बिगाड़ने में लगे है। जबकि आज का दौर ये साफ बता रहा है कि बदलाव के साथ ही चलने से देश और समाज की स्थिति सही हो पायेगी। इस लिये बदलाव के साथ में चलने में ही सबका फायदा है। वैसे मोदी सरकार के बदले गये फैसलो के फायदे भी दिखने लगे है। अब कश्मीर को ही ले लीजिये धारा 370 हटने के बाद तेजी से वहां आतंक खत्म हो रहा है तो विकास के काम गांव गांव तक पहुँच रहे है। ऐसे तमाम काम है जो कुछ नियमों के बदलने से आसान हो गये है जिससे आम लोगो को काफी फायदा हुआ है।

फिलहाल इतना समझ लेना चाहिए कि अगर हमे दुनिया में सबसे आगे निकलना है तो समय की मांग है बदलाव और अगर अभी हम नही बदले तो फिर देर हो जायेगी और भारत हमारा देश दूसरे देशों से काफी पीछे हो जायेगा ऐसे में बदलाव को अपनाना ही समझदारी है