5 साल पहले शुरू हुई फसल बीमा योजना ने बदले किसानों के आर्थिक हालात

मोदी सरकार जिसने सत्ता में आते ही देश के किसानों की स्थिति बदलने की तैयारी शुरू कर दी थी, जिसके चलते किसानों के लिये कई योजनाओं को लागू किया गया। ऐसे कई योजनाओ में सबसे अहम योजना थी किसान फसल बीमा योजना जो ठीक 5 साल पहले आज के दिन ही शुरू की गई थी। ये योजना पिछले 5 साल से लगातार किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर रही है तो किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है। लेकिन जो किसान अभी भी इस योजना का फायदा नही ले पा रहे है चलिये उन्हे बताते है इस योजना के बारे में…

सरकार देती है 90 प्रतिशत प्रीमियम

इस योजना को 13 जनवरी 2016 को लागू किया गया था। इसमें किसान के हिस्से के अतिरिक्त प्रीमियम का खर्च राज्यों और भारत सरकार द्वारा समान रूप से सहायता के रूप में दिया जाता है। पूर्वोत्तर राज्यों में 90 प्रतिशत प्रीमियम सहायता भारत सरकार देती है। सरकार ने किसानों से आग्रह किया कि वे संकट के समय में आत्मनिर्भर बनने के लिए योजना का लाभ उठाएं और एक आत्मनिर्भर किसान तैयार करने का समर्थन करें।

बुवाई से कटाई तक का चक्र योजना में शामिल

किसान फसल बीमा योजना के तहत औसत बीमित राशि बढ़ाकर 40,700 रुपये कर दी गई है, जो  पहले की योजनाओं के दौरान प्रति हेक्टेयर 15,100 रुपये थी। योजना में बुवाई से पहले चक्र से लेकर कटाई के बाद तक फसल के पूरे चक्र को शामिल किया गया है, जिसमें रोकी गई बुवाई और फसल के बीच में प्रतिकूल परिस्थितियों से होने वाला नुकसान भी शामिल है।

प्राकृतिक आपदाओं में भी मिलेगा कवर

बाढ़, बादल फटने और प्राकृतिक आग जैसे खतरों के कारण होने वाली स्थानीय आपदाओं और कटाई के बाद होने वाले व्यक्तिगत खेतीके स्तर पर नुकसान को शामिल किया गया है। लगातार सुधार लाने के प्रयास के रूप में, इस योजना को सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक बनाया गया था, फरवरी 2020 में इसमें सुधार किया गया। राज्यों को बीमा राशि को तर्कसंगत बनाने के लिए लचीलापन भी प्रदान किया गया है, ताकि किसानों द्वारा पर्याप्त लाभ उठाया जा सके।

29 करोड़ किसानों ने अब तक उठाया लाभ

सरकारी ऑकड़ो पर नजर डाले तो पिछले 5 साल में करीब 29 करोड़ किसान इशका लाभ उटा चुके है जो एक बड़ी सरकार की कामयाबी है। षि मंत्रालय के अनुसार इस योजना में साल भर में 5.5 करोड़ किसानों के आवेदन आते हैं। अब तक योजना के तहत 90,000 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया जा चुका है। आधार सीडिंग ने किसान के खातों में सीधे दावा निपटान में तेजी लाने में मदद की है। सरकार के अनुसार कोविड लॉकडाउन अवधि के दौरान भी लगभग 70 लाख किसानों को लाभ हुआ। इस दौरान 8741.30 करोड़ रुपये के दावे लाभार्थियों को ट्रांसफर किए गए।यह योजना फसल बीमा ऐप, सीएससी केंद्र या निकटतम कृषि अधिकारी के माध्यम से किसी भी घटना के होने के 72 घंटों के भीतर किसान के लिए फसल नुकसान की रिपोर्ट करना आसान बनाती है।

इस योजना को लेकर भी किसानों के बीच काफी भ्रम पैदा किया गया था लेकिन धीरे धीरे जैसे जैसे किसान इस योजना को समझ रहे है और इससे फायदा उठा रहे है वो ये समझ गये है कि मोदी सरकार किसानों की स्थिति बदलने में लगी है और इस बात पर कोई शक भी नही कर सकता है।

Leave a Reply