देश आज मना रहा है 71वां गणतंत्र दिवस

देश आज 71वां गणतंत्र‍ दिवस मना रहा है। 71वें गणतंत्र दिवस का गवाह बनने के लिए राजपथ को पूरी तरह से सजाया गया है। दिल्ली में राजपथ पर राष्ट्र पति रामनाथ कोविन्द ने राष्ट्रीय ध्वहज फहराया और परेड की सलामी ली। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर मेसियास बोलसोनारो मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। गणतंत्र‍ दिवस परेड में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की झांकियां प्रदर्शित की गयी। जम्मू-कश्मीर पहली बार केन्द्र शासित प्रदेश के रूप में परेड में भाग ले रहा है।

गणतंत्र दिवस परेड समारोह का शुभारंभ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।राष्ट्रपति ने सलामी मंच पर राष्ट्रीय ध्वज को फहराया, उसके बाद राष्ट्रगान के साथ 21 तोपों की सलामी दी गयी। इस वर्ष की परेड का मुख्य आकर्षण सुखोई और हाल में शामिल किए गए चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टरों का फ्लाईपास्ट रहा। 90 मिनट तक चलने वाली परेड में उपग्रह-रोधी हथियार-मिशन शक्ति और सेना का लडाकू टैंक भीष्म मुख्य। आकर्षण थे। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महिला दस्तेश द्वारा मोटरसाइकिलों पर करतब, सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों दिल्ली पुलिस और एनसीसी के 16 मार्चिंग दस्ते परेड में शामिल थे। इसके अलावा सेना के 13 बैंड भी अपनी धुनों से लोगों को मोहित कर रहे थे। विभिन्न राज्यों से आए 600 से अधिक छात्र-छात्राएं भी सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक नृत्य प्रस्तुत किया।

Republic Day 2020

इस बीच, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। पुलिस और केन्द्रीय सुरक्षा बल के 20 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। राजपथ पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और चेहरे की पहचान करने वाले कैमरे भी लगाए गए हैं।

जय हिंद

आपको बता दें कि आज के ही दिन हमारे देश को अपना संविधान मिला था। 26 जनवरी 1950 को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था। संविधान लागू होने के बाद हमारा देश एक गणतंत्र देश बना।

आपको जानकर हैरानी होगी की पहला गणतंत्र दिवस के जश्न का आयोजन राजपथ पर नहीं हुआ था बल्कि इर्विन स्टेडियम (आज का नेशनल स्टेडियम) में मनाया गया था। देश के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने यहां आकर तिरंगा झंडा फहराया और करीब 3 हजार जवानों की सलामी दी थी। इसके बाद 26 जनवरी की परेड का समारोह स्थल समय-समय पर बदलता रहा। साल 1955 में पहली बार गणतंत्र दिवस का जश्न राजपथ पर मनाया गया। जिसके बाद से आज तक नियमित रूप से हर साल यह जश्न यहीं मनाया जा रहा है।