सकरात्मक ऊर्जा के चलते ही देश आज सबल हो रहा है

पीएम मोदी ने एकबार फिर बोला कि एक मजबूत देश की विश्व में योगदान दे सकता है जैसा कि भारत कर रहा है जिसका असर दिखने भी लगा है और ये सब महज कुछ दिनो में ही हुआ है जो ये बताता है कि अगर देश ठान ले तो हार जीत कर सकता है। पीएम मोदी ने ये बात पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद करते हुए बोला जिनकी आज पुण्यतीथि है।

सबल राष्ट्र ही विश्व को दे सकता है योगदान

इस दौरान पीएम मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद करते हुए बोला हमारे शास्त्रो में लिखा है ‘स्वदेशो भुवनम् त्रयम्’ अर्थात,  अपना देश ही हमारे लिए सब कुछ है, तीनों लोकों के बराबर है। जब हमारा देश समर्थ होगा, तभी तो हम दुनिया की सेवा कर पाएंगे। एकात्म मानव दर्शन को सार्थक कर पाएंगे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘दीनदयाल उपाध्याय जी भी यही कहते थे। उन्होंने लिखा था- ‘एक सबल राष्ट्र ही विश्व को योगदान दे सकता है।’ यही संकल्प आज आत्मनिर्भर भारत की मूल अवधारणा है। इसी आदर्श को लेकर ही देश आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।’

स्वदेशी सामानों की खरीद पर बल

इस दौरान पीएम मोदी ने देशवासियों से एक अपील भी कि उन्होने बोला कि देशवासियों को एक लिस्ट तैयार करना चाहिए जिसके तहत वो ये तय करें कि उनकी दिनचर्या में विदेशी सामान की कितनी संख्या है इसके बाद वो स्वदेशी वस्तु खरीदने पर जोर दे और दूसरों को भी प्रेरित करे ऐसा करने से देश आत्मनिर्भर बनेगा तो देश का विकास भी तेजी के साथ होगा।

हथियारों के लिए भी भारत बना आत्मनिर्भर

पीएम मोदी ने कहा, ‘1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान भारत को हथियारों के लिए विदेशी देशों पर निर्भर रहना पड़ा। दीनदयाल जी ने उस समय कहा था कि हमें एक ऐसे भारत का निर्माण करने की आवश्यकता है, जो न केवल कृषि में आत्मनिर्भर हो, बल्कि रक्षा और हथियार में भी हो। आज, भारत रक्षा क्षेत्र में मेड इन इंडिया हथियारों और लड़ाकू जेट जैसे तेजस में देखा जा रहा है।’ जो देश के लिये एक बड़ी कामयाबी है।

पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को दिया संदेश

पीएम मोदी ने विपक्षी दलों से कहा, ‘हमारे राजनीतिक दल हो सकते हैं, हमारे विचार अलग हो सकते हैं, हम चुनाव में पूरी शक्ति से एक दूसरे के खिलाफ लड़ते हैं पर इसका मतलब ये नहीं कि हम अपने राजनीतिक विरोधी का सम्मान ना करें। प्रणव मुखर्जी, तरुण गोगोई, एस.सी.जमीर इनमें से कोई भी राजनेता हमारी पार्टी या फिर गठबंधन का हिस्सा कभी नहीं रहे, लेकिन राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। राजनीतिक अस्पृश्यता का विचार हमारा संस्कार नहीं है. आज देश भी इस विचार को अस्वीकार कर चुका है। हमारी पार्टी में वंशवाद को नहीं कार्यकर्ता को महत्व दिया जाता है।

एक बार फिर मोदी जी ने ये बताने प्रयास किया कि देश में इस वक्त सकरात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है तभी देश तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है जिसको कोई मानने से इंकार भी नही कर सकता है। क्योकि इस पॉजिटिव वेब के चलते ही भारत न केवल कोरोना को हरा रहा है बल्कि दुनिया के देशों के लिये आज मसीहा भी बन रहा है।